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Tibet Red Sprites: तिब्बत के आसमान में दिखा कयामत जैसा नजारा, बादलों से निकले लाल रोशनी के रहस्यमयी खंभे

Jun 03, 2026 1:15 PM

लद्दाख और तिब्बत के ऊंचे पहाड़ी इलाकों का आसमान हमेशा से ही खगोलविदों और प्रकृति प्रेमियों के लिए रहस्यों का पिटारा रहा है। हाल ही में तिब्बत के आसमान में एक ऐसा नजारा कैमरे में कैद हुआ, जिसने इंटरनेट पर तहलका मचा दिया है। इलाके में आए एक भीषण तूफान के दौरान काले-घने बादलों के ठीक ऊपर अंतरिक्ष की सीमा को छूती हुई रहस्यमयी लाल रोशनियां दिखाई दीं। ये रोशनियां किसी सीधे खंभे या जेलीफिश की आकृति में सीधे ऊपर की तरफ जाती हुई महसूस हो रही थीं। विज्ञान की भाषा में इस हैरतअंगेज घटना को ‘रेड स्प्राइट्स’ (Red Sprites) कहा जाता है, जो सदियों से इंसानों के लिए एक पहेली बनी हुई थी।

आम बिजली से बिल्कुल जुदा है यह नजारा, अंतरिक्ष की दहलीज पर होता है धमाका

अक्सर हम जो बिजली कड़कते हुए देखते हैं, वह बादलों के घर्षण से पैदा होकर जमीन की तरफ आती है। लेकिन रेड स्प्राइट्स की कहानी इससे बिल्कुल अलग है। यह घटना जमीन से करीब 50 से 90 किलोमीटर ऊपर, वायुमंडल की 'मेसोस्फीयर' परत में घटित होती है। वैज्ञानिक इस तरह की आकाशीय हलचल को 'ट्रांजिएंट ल्यूमिनस इवेंट' (TTE) की श्रेणी में रखते हैं। जब नीचे के बादलों में बेहद शक्तिशाली बिजली कड़कती है, तो वह अपने ठीक ऊपर यानी अंतरिक्ष की दहलीज पर एक अदृश्य और बेहद ताकतवर इलेक्ट्रिक फील्ड (विद्युत क्षेत्र) तैयार कर देती है।

पलक झपकते ही गायब हो जाती है रोशनी, नाइट्रोजन के चलते दिखता है सुर्ख लाल रंग

इस इलेक्ट्रिक फील्ड के बनते ही ऊपरी वायुमंडल में मौजूद नाइट्रोजन गैस के अणु सक्रिय हो जाते हैं। जब बिजली का करंट इन अणुओं से टकराता है, तो एक रासायनिक प्रतिक्रिया होती है और आसमान सुर्ख लाल और कत्थई रंग की रोशनी से जगमगा उठता है। ये लाल खंभे और शाखाएं आसमान में कई किलोमीटर के दायरे में फैल जाती हैं। सबसे दिलचस्प बात यह है कि यह पूरा घटनाक्रम एक सेकंड के हजारवें हिस्से यानी पलक झपकते ही खत्म हो जाता है। आम इंसानी आंखें इसे आसानी से नहीं देख पातीं, लेकिन हाई-स्पीड कैमरों ने तिब्बत के इस जादुई नजारे को हमेशा के लिए रिकॉर्ड कर लिया।

'दुनिया की छत' पर क्यों दिखा यह नजारा? प्रदूषण मुक्त आसमान ने किया कमाल

सवाल उठता है कि आखिर ये नजारे हर जगह क्यों नहीं दिखाई देते? दरअसल, तिब्बत अपनी भौगोलिक स्थिति के कारण 'दुनिया की छत' कहलाता है। यहां की अत्यधिक ऊंचाई और पहाड़ों की वजह से वायुमंडल की निचली परतें बहुत पतली हैं। इसके अलावा, इस इलाके में 'लाइट पॉल्यूशन' यानी कृत्रिम रोशनी का प्रदूषण न के बराबर है। जब तिब्बत के पहाड़ों पर बड़े और बेहद शक्तिशाली चक्रवाती तूफान आते हैं,

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