लाडवा में सत्य सनातन वैदिक धर्म के प्रचार के लिए बनाई गई नई कार्यकारी समिति
Jun 03, 2026 1:43 PM
लाडवा ( विजय कौशिक )। कुरुक्षेत्र जिले के लाडवा स्थित आर्य समाज मंदिर में कल शाम वेद प्रचार मंडल की एक अहम बैठक का आयोजन किया गया। मंडल के मुख्य अधिष्ठाता स्वामी सच्चिदानंद के सानिध्य और जिला प्रधान आचार्य मोहन लाल की देखरेख में हुई इस सभा में लाडवा ब्लॉक की नई इकाई का ताना-बाना बुना गया। बैठक में मौजूद सभी सदस्यों की सहमति से पूरी कार्यकारिणी का निर्विरोध चुनाव संपन्न हुआ, जिसमें समाज के हर वर्ग को प्रतिनिधित्व देने की कोशिश की गई है।
नई टीम में किसे क्या मिली जिम्मेदारी
संगठन को मजबूती देने के लिए घोषित की गई इस नई टीम में पवन गर्ग को उप-प्रधान और अरविंद सिंहल को मंत्री पद की कमान सौंपी गई है। वहीं, अनिल गोयल और महिंद्र पाल आर्य को संरक्षक मंडल में शामिल किया गया है। सांगठनिक ढांचे को विस्तार देते हुए डॉ. रवि अरोड़ा व ओम पाल आर्य को उप-मंत्री, बृज भूषण को कोषाध्यक्ष और रोहित गर्ग को सह-कोषाध्यक्ष बनाया गया है। युवाओं को संगठन से जोड़ने के लिए मोहित अरोड़ा को युवा प्रभारी, जबकि विजय वर्मा, ध्रुव सेठी और सचिन गर्ग को युवा सह-प्रभारी नियुक्त किया गया।
हर वर्ग को साधने की कोशिश
वेद प्रचार मंडल ने लाडवा की इस टीम में सामाजिक संतुलन बनाने का पूरा प्रयास किया है। महिलाओं की भागीदारी तय करते हुए निशी अग्रवाल को महिला प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है। शिक्षा क्षेत्र में पैठ बनाने के लिए सुनील आर्य को अध्यापक प्रभारी और सतविंदर आर्य व नरेश बंसल को सह-प्रभारी बनाया गया है। वहीं, ग्रामीण इलाकों और अन्नदाताओं तक पहुंच बनाने के लिए गुरमेज सिंह को किसान प्रभारी और रविन्द्र बंसल, शमशेर सिंह व अजय कुमार को किसान सह-प्रभारी मनोनीत किया गया है। जयदेव आर्य को मीडिया की जिम्मेदारी संभालते हुए मीडिया प्रभारी बनाया गया है।
समाज में सौहार्द बढ़ाना ही मुख्य ध्येय
इस मौके पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए स्वामी सच्चिदानंद ने कहा कि वर्तमान दौर में वेदों की प्रासंगिकता और बढ़ गई है। संगठन का एकमात्र लक्ष्य सत्य सनातन वैदिक धर्म की मूल शिक्षाओं और वेदों के गूढ़ ज्ञान को समाज के अंतिम व्यक्ति तक सरल भाषा में पहुंचाना है। जिला प्रधान आचार्य मोहन लाल ने सभी मनोनीत पदाधिकारियों को बधाई देते हुए आह्वान किया कि वे आपसी तालमेल और निष्ठा के साथ काम करें ताकि समाज में वैचारिक सौहार्द और भाईचारे का माहौल तैयार हो सके। इस सांगठनिक घोषणा के दौरान स्वामी सोमानंद, आचार्य धर्मपाल सहित क्षेत्र के कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।