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लाडवा में 24 साल बाद वोटरों का महासर्वे: 15 जून से घर-घर जाकर डेटा अपडेट करेंगी बीएलओ

Jun 03, 2026 1:53 PM

लाडवा (विजय कौशिक) कुरुक्षेत्र जिले की लाडवा विधानसभा के मतदाताओं के लिए एक बेहद जरूरी और बड़ा प्रशासनिक अपडेट है। निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार, लाडवा के सभी 1,97,911 वोटरों के रिकॉर्ड को पूरी तरह अपडेट करने के लिए आगामी 15 जून से विशेष गहन पुनरीक्षण कार्य शुरू होने जा रहा है। दिलचस्प बात यह है कि ऐसा व्यापक सर्वे साल 2002 के बाद यानी करीब 24 साल बाद अब दोबारा शुरू किया जा रहा है। एसडीएम अनुभव मेहता ने उपमंडल कार्यालय में सभी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों की एक साझा बैठक बुलाकर इस पूरे शेड्यूल की आधिकारिक घोषणा की।

15 जून से घर-घर दस्तक देंगी बीएलओ

इस अभियान को जमीन पर उतारने के लिए चुनाव विभाग की ओर से 5 जून से 14 जून तक सभी बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) को विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके ठीक बाद, 15 जून से 14 जुलाई तक बीएलओ हलके के प्रत्येक घर में जाकर फॉर्म भरवाने का काम करेंगी। नागरिक इस प्रक्रिया में ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से शामिल हो सकते हैं। फॉर्म सीधे बीएलओ को दिए जा सकते हैं या फिर राजनीतिक पार्टियों के बूथ लेवल एजेंट (BLA) के जरिए भी चुनाव दफ्तर तक पहुंचाए जा सकते हैं। जो लोग नौकरी या पढ़ाई के सिलसिले में शहर या गांव से बाहर हैं, उनके परिजन भी उनका फॉर्म भरकर जमा करा सकते हैं।

2002 की वोटर लिस्ट बनेगी आधार, ऐसे जुटाया जाएगा डेटा

एसडीएम अनुभव मेहता ने बैठक में स्पष्ट किया कि इस पुनरीक्षण का तरीका थोड़ा अलग और बेहद सटीक होगा। जिन नागरिकों के वोट साल 2002 की मतदाता सूची में दर्ज हैं, उन्हें 2002 वाला पुराना डेटा फॉर्म में भरना होगा। वहीं, जिनका वोट 2002 के बाद बना है, उन्हें अपने परिवार के बुजुर्गों (माता-पिता या दादा-दादी) का डेटा लिंक करना होगा। जनता की सहूलियत के लिए वर्ष 2002 की मूल वोटर लिस्ट को मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) हरियाणा और भारत निर्वाचन आयोग (ECI) की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया है, जहां से इसे आसानी से डाउनलोड किया जा सकता है।

22 सितंबर को आएगी अंतिम वोटर लिस्ट

प्रशासन द्वारा तय किए गए शेड्यूल के मुताबिक, घर-घर से डेटा जुटाने के बाद 21 जुलाई को ड्राफ्ट रोल (प्रारंभिक सूची) तैयार की जाएगी। इसके बाद 20 अगस्त तक आम लोग अपनी आपत्तियां या दावे दर्ज करा सकेंगे। यदि किसी को मतदाता सूची में नाम, पते या किसी अन्य जानकारी को लेकर आपत्ति है, तो वह सबसे पहले एसडीएम या आरओ के पास जा सकता है। वहां सुनवाई न होने पर डीआरओ या उपायुक्त और फिर मुख्य निर्वाचन अधिकारी के समक्ष अपील की जा सकती है। 21 जुलाई से 18 सितंबर तक तमाम आपत्तियों पर सुनवाई और उनके निपटारे के बाद 22 सितंबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन कर दिया जाएगा।

राजनीतिक दलों से सहयोग की अपील, टोल फ्री नंबर जारी

बैठक के दौरान एसडीएम ने सभी राजनीतिक दलों से अपने-अपने बूथ लेवल एजेंट (BLA) जल्द से जल्द नियुक्त कर उनकी सूची चुनाव कार्यालय में जमा कराने को कहा। एक राजनीतिक एजेंट एक दिन में अधिकतम 50 फॉर्म जमा करा सकता है। ये एजेंट इस बात की निगरानी करेंगे कि किसी परिवार का वोट दो अलग-अलग बूथों में न बंटे, कोई फर्जी या डबल वोट न रहे और कोई पात्र नागरिक छूट न जाए। किसी भी प्रकार की पूछताछ या मदद के लिए चुनाव विभाग का टोल फ्री नंबर 1950 भी जारी किया गया है। इस अहम बैठक में तहसीलदार नवम धानिया, नायब तहसीलदार बलकार सिंह, बीडीपीओ रुबल व विनोद कुमार सहित कई आला अधिकारी मौजूद रहे।

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