यमुनानगर में कांग्रेस की अहम बैठक: निकाय चुनाव में हार का होगा पोस्टमार्टम, जिलाध्यक्षों की लगेगी क्लास
May 15, 2026 12:05 PM
यमुनानगर। हरियाणा नगर निकाय चुनावों के नतीजों ने कांग्रेस के भीतर जिस बेचैनी को जन्म दिया था, वह अब धरातल पर दिखने लगी है। शुक्रवार सुबह 11 बजे यमुनानगर के जिमखाना क्लब में प्रदेश भर के जिलाध्यक्षों का जमावड़ा लगने जा रहा है। यह महज एक औपचारिक बैठक नहीं, बल्कि उन कमजोर कड़ियों को तलाशने की कोशिश है जिनकी वजह से पार्टी उम्मीद के मुताबिक आंकड़े नहीं छू सकी। प्रदेश नेतृत्व इस बार आर-पार के मूड में है और सूत्रों की मानें तो जिन इलाकों में कांग्रेस को करारी शिकस्त मिली है, वहां के जिलाध्यक्षों को अपनी रिपोर्ट में ठोस वजह बतानी होगी।
बूथ से ब्लॉक तक सक्रियता बढ़ाने की तैयारी
बैठक का मुख्य एजेंडा सिर्फ हार की समीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि आगामी चुनावों के लिए एक मजबूत ढांचा तैयार करना भी है। काफी समय से लंबित पड़े ब्लॉक अध्यक्षों की नियुक्तियों को लेकर कांग्रेस अब और देरी करने के पक्ष में नहीं दिख रही है। मई माह के भीतर ही ब्लॉक स्तर पर संगठन को खड़ा करने का लक्ष्य रखा गया है। हाईकमान का मानना है कि जब तक जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं की फौज तैनात नहीं होगी, तब तक निकाय जैसे चुनावों में विपक्षी खेमे को चुनौती देना मुश्किल होगा।
रडार पर जिलाध्यक्ष: नोटिस और अनुशासन का मुद्दा
संगठनात्मक अनुशासन को लेकर भी इस बैठक में कड़ा रुख देखने को मिल सकता है। पता चला है कि प्रदेश नेतृत्व ने उन जिलाध्यक्षों की लिस्ट तैयार कर ली है जो पार्टी की नियमित बैठकों और गतिविधियों से नदारद रहते हैं। कई पदाधिकारियों को नोटिस भी थमाए जा चुके हैं। आज होने वाली चर्चा के बाद यह रिपोर्ट सीधे हाईकमान को भेजी जाएगी, जिसके आधार पर आने वाले दिनों में कुछ कड़े फैसले लिए जा सकते हैं।
राव नरेंद्र सिंह का संदेश- संगठन ही सर्वोपरि
प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने बैठक से पहले साफ कर दिया है कि संगठन की मजबूती के बिना कोई भी राजनीतिक जंग नहीं जीती जा सकती। यमुनानगर ग्रामीण प्रधान नरपाल सिंह के अनुसार, बैठक के बाद दोपहर 2 बजे मीडिया से रूबरू होकर पार्टी अपने भविष्य के रोडमैप को साझा करेगी। राजनीति के जानकारों का मानना है कि यमुनानगर की यह बैठक हरियाणा कांग्रेस के भीतर चल रही सुगबुगाहट को एक नई दिशा दे सकती है।