भाजपा में शामिल होने के सवाल पर मुस्कुराईं विधायक रेणु बाला, 'नो कमेंट्स' कहकर बढ़ा दिया सस्पेंस
May 30, 2026 11:25 AM
यमुनानगर। हरियाणा के सियासी समंदर में इन दिनों जो लहरें उठ रही हैं, वे आने वाले दिनों में किसी बड़े राजनीतिक उलटफेर का संकेत दे रही हैं। ताजा घटनाक्रम यमुनानगर से सामने आया है, जहां मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी करीब 9 बड़ी विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करने पहुंचे थे। इस हाई-प्रोफाइल सरकारी कार्यक्रम में वैसे तो कई दिग्गज नेता मौजूद थे, लेकिन मंच पर बैठीं साढ़ौरा से विधायक रेणु बाला ने सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया। कांग्रेस से निष्कासित चल रही रेणु बाला की इस सरकारी मंच पर मौजूदगी और मुख्यमंत्री सैनी के प्रति उनकी कसीदें पढ़ने वाली भाषा ने विपक्ष के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं।
महिला सशक्तिकरण के बहाने मुख्यमंत्री की तारीफ, चर्चाओं का बाजार गर्म
कार्यक्रम के दौरान जब रेणु बाला को संबोधन का मौका मिला, तो उन्होंने बिना किसी हिचकिचाहट के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की नीतियों की खुलकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि सूबे में महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त करने के लिए मुख्यमंत्री द्वारा की जा रही पहल बेहद सराहनीय है। विधायक के मुताबिक, मौजूदा सरकार आधी आबादी के उत्थान के लिए जो काम धरातल पर कर रही है, उसका सीधा लाभ ग्रामीण अंचल की महिलाओं तक पहुंच रहा है। एक निष्कासित विपक्षी विधायक के मुंह से सत्तापक्ष के मुखिया के लिए ऐसे कसीदे सुनना, राजनीतिक पंडितों को महज एक शिष्टाचार नहीं बल्कि भविष्य की राजनीति का आधार नजर आ रहा है।
भाजपा में एंट्री के सवाल पर गोलमोल जवाब और 'नो कमेंट्स'
मंच से उतरने के बाद जब मीडिया ने रेणु बाला को घेरा और सीधे शब्दों में पूछा कि क्या वे अब आधिकारिक तौर पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का दामन थामने जा रही हैं, तो उन्होंने बड़ी चतुराई से इस सवाल को टाल दिया। उन्होंने गोलमोल जवाब देते हुए कहा कि फिलहाल ऐसा कोई विचार नहीं है। रेणु बाला ने जोर देकर कहा कि उनकी पहली और आखिरी प्राथमिकता साढ़ौरा विधानसभा क्षेत्र का विकास और वहां की जनता की आवाज उठाना है। हालांकि, जब पत्रकारों ने बढ़ते राजनीतिक घटनाक्रमों और भाजपा नेताओं से बढ़ती नजदीकियों को लेकर अंतिम सवाल दागा, तो विधायक ने मुस्कुराते हुए सिर्फ इतना कहा— 'नो कमेंट्स' (कोई टिप्पणी नहीं)।
पांच निष्कासित विधायकों पर भाजपा की नजर, पाला बदलने की तैयारी?
हरियाणा की राजनीति को करीब से समझने वाले जानकारों का मानना है कि यह पूरी कवायद एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा हो सकती है। दरअसल, कांग्रेस से निष्कासित किए गए पांच विधायकों को अपने पाले में लाने के लिए भाजपा लगातार जमीन तैयार कर रही है। यही वजह है कि पिछले कुछ समय से इन बागी नेताओं की मौजूदगी न सिर्फ सरकारी कार्यक्रमों में बल्कि भाजपा की अंदरूनी बैठकों के इर्द-गिर्द भी देखी जा रही है। रेणु बाला का यह रुख साफ करता है कि आने वाले दिनों में पाला बदलने का खेल और तेज हो सकता है, जो हरियाणा विधानसभा के भीतर और बाहर नए समीकरण तय करेगा।