बकरीद पर हरियाणा के इब्राहिमपुर में युवाओं की मिसाल, तपती धूप में राहगीरों को पिलाया मीठा पानी
May 28, 2026 1:47 PM
यमुनानगर। (रघबीर सिंह) प्रताप नगर (खिजराबाद) के नजदीक पड़ते गांव इब्राहिमपुर में इस बार ईद-उल-अजहा का नजारा पारंपरिक बंदिशों से इतर, सामाजिक सरोकार के एक बेहद खूबसूरत रंग में रंगा नजर आया।
एक तरफ जहां सुबह मस्जिदों में नमाज अदा की जा रही थी, वहीं दूसरी तरफ गांव के दर्जनों नौजवानों ने इस मुबारक दिन को आम अवाम की सेवा के नाम करने का फैसला किया। मई-जून की इस रिकॉर्ड तोड़ झुलसाने वाली गर्मी में, जहां सूरज सुबह से ही आग उगलने लगता है, इन युवाओं ने मुख्य सड़क के किनारे बड़े-बड़े बर्तनों में बर्फ और रूहअफजा मिलाकर मीठे पानी की छबील सजा दी। रास्ते से गुजरने वाले हर मुसाफिर, चाहे वह पैदल हो, दोपहिया वाहन पर हो या कार में, उसे रोककर पूरी अकीदत और मुस्कान के साथ ठंडा पानी पेश किया गया।
'प्यास बुझाने से बड़ा कोई मजहब और पुण्य नहीं'
छबील सेवा में सुबह से लेकर शाम तक डटे रहे स्थानीय युवकों ने बातचीत के दौरान बताया कि इस्लाम और हमारी संस्कृति हमें सबसे पहले इंसानियत की सेवा करना सिखाती है। इस तपते मौसम में जब कंठ सूख रहे हों, तब किसी प्यासे को ठंडा जल मुहैया कराने से बढ़कर दुनिया में कोई दूसरा पुण्य या मजहबी इबादत नहीं हो सकती।
युवाओं का यह जोश देखते ही बनता था, जो बिना थके हर आने-जाने वाले का स्वागत कर रहे थे। इस छबील से न केवल राहगीरों को इस जानलेवा उमस और गर्मी से चंद पलों की राहत मिली, बल्कि वहां से गुजरने वाले हर शख्स के चेहरे पर इन युवाओं के प्रति एक दिली दुआ और सम्मान भी देखने को मिला।
बुजुर्गों ने कहा- यही है हमारे ग्रामीण अंचल की असली विरासत
सड़क किनारे लगी इस छबील पर पूरे दिन राहगीरों की भारी आवाजाही लगी रही। गांव के बुजुर्गों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी मौके पर पहुंचकर युवाओं की पीठ थपथपाई। ग्रामीणों का कहना था कि आज के दौर में जब सोशल मीडिया पर दूरियां बढ़ रही हैं, जमीनी स्तर पर युवाओं के ऐसे सामूहिक प्रयास यह साबित करते हैं कि हमारे गांवों में आज भी आपसी प्रेम, सौहार्द और भाईचारे की जड़ें कितनी मजबूत हैं। इस छबील ने साबित कर दिया कि त्योहार सिर्फ घरों में पकवान बनाने का नाम नहीं, बल्कि समाज के हर तबके के साथ खुशियां और राहत साझा करने का जरिया है।