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कलेसर वन्य जीव विहार में बड़ी कार्रवाई: खैर के पेड़ काटते तस्कर जुल्फान गिरफ्तार, 13 दिन की जेल

Jun 03, 2026 4:41 PM

प्रतापनगर (रघबीर सिंह)। के साथ लगते कलेसर वन्य जीव विहार के संरक्षित वन क्षेत्र में बेशकीमती लकड़ी की तस्करी करने वाले गिरोह पर विभाग ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। बुधवार (3 जून) को टिबड़ियों के घने जंगलों में चल रहे अवैध खैर कटान के खिलाफ वन्य जीव विभाग की टीम को एक बड़ी सफलता हाथ लगी। टीम ने मौके पर घेराबंदी करते हुए एक तस्कर को दबोच लिया, जिसके पास से खैर के दो कटे हुए विशाल पेड़ बरामद हुए हैं। हालांकि, घने जंगलों और झाड़ियों का फायदा उठाकर आरोपी के तीन से चार साथी मौके से भागने में कामयाब रहे।

गश्त के दौरान अधिकारियों को मिली थी गुप्त सूचना

यह पूरी कार्रवाई उप वन रक्षक (DFO) सुशील कुमार और वन दरोगा हरीश के नेतृत्व में गठित एक विशेष टीम द्वारा अमल में लाई गई। बुधवार सुबह जब विभागीय टीम जंगल के भीतर रूटीन गश्त पर थी, उसी समय विश्वस्त सूत्रों से सूचना मिली कि टिबड़ियों क्षेत्र के कुछ स्थानीय तस्कर कुल्हाड़ी और आरी लेकर सरकारी जंगलों में खैर के पेड़ों पर कुल्हाड़ी चला रहे हैं। वन्य जीव रक्षकों ने बिना वक्त गंवाए मौके पर धावा बोल दिया। लकड़ी को ठिकाने लगाने की तैयारी कर रहे तस्करों में भगदड़ मच गई, लेकिन टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए एक आरोपी को दबोच लिया।

बिलासपुर कोर्ट ने भेजा जेल, स्थानीय युवकों के नाम आए सामने

पकड़े गए आरोपी की शिनाख्त टिबड़ियों गांव के ही रहने वाले जुल्फान पुत्र बलि मोहम्मद के रूप में हुई है। वन्य जीव निरीक्षक राजबीर और ज्योति कुमार की टीम ने आरोपी के खिलाफ वन्य जीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत मामला दर्ज कर उसे स्थानीय अस्पताल में चिकित्सकीय परीक्षण के लिए भेजा। इसके बाद आरोपी को बिलासपुर की माननीय अदालत में पेश किया गया, जहां से न्यायाधीश ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जुल्फान को 13 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजने के आदेश जारी कर दिए।

फरार तस्करों की तलाश में जुटी टीमें

विभागीय पूछताछ के दौरान आरोपी जुल्फान ने अपने उन फरार साथियों के नामों का भी खुलासा किया है जो इस अवैध धंधे में उसके साथ शामिल थे। वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, फरार आरोपी भी इसी क्षेत्र के रहने वाले हैं और वे पहले भी इस तरह की गतिविधियों में संलिप्त रहे हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि सरकारी वन संपदा को नुकसान पहुंचाने वाले किसी भी शख्स को बख्शा नहीं जाएगा। इसके साथ ही अधिकारियों ने वन्य क्षेत्र के आसपास रहने वाले ग्रामीणों से अपील की है कि वे जंगलों की सुरक्षा में भागीदार बनें और किसी भी संदिग्ध हलचल की जानकारी तुरंत कंट्रोल रूम को दें।

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