Yamunanagar News: नगर निगम का 273 करोड़ का बजट पास, लेकिन अधूरे लक्ष्य और जमीनी हकीकत पर सवाल?
Feb 16, 2026 2:01 PM
यमुनानगर (Yamunanagar News): नगर निगम यमुनानगर-जगाधरी ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 273.38 करोड़ रुपये आय और 272.92 करोड़ रुपये व्यय का बजट पास कर दिया है। मेयर सुमन बहमनी ने इसे ट्विनसिटी के विकास को गति देने वाला बताया, लेकिन बीते वर्ष के अधूरे लक्ष्य और शहर की मौजूदा समस्याओं ने बजट की व्यवहारिकता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
आय-व्यय का ब्यौरा
बैठक में उपायुक्त एवं निगम आयुक्त प्रीति, अतिरिक्त निगम आयुक्त धीरज कुमार और वरिष्ठ लेखा अधिकारी कृष्ण जैन ने आय-व्यय का ब्यौरा प्रस्तुत किया। अधिकारियों के अनुसार पिछले वर्ष 262.95 करोड़ रुपये का आय बजट था, जिसे इस बार बढ़ाकर 273.38 करोड़ किया गया है, यानी 10.43 करोड़ रुपये की वृद्धि। व्यय बजट में भी 10.20 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी की गई है। निगम के अपने आंकड़े बताते हैं कि 2025-26 में प्रॉपर्टी, फायर और निगम टैक्स से 37 करोड़ रुपये का लक्ष्य तय था, लेकिन जनवरी 2026 तक करीब 28 करोड़ रुपये ही वसूले जा सके।
स्टाम्प ड्यूटी व श्रम उपकर का लक्ष्य 20.20 करोड़ था, जबकि प्राप्ति लगभग 17.62 करोड़ रही। डेवलपमेंट व अन्य चार्ज में भी निर्धारित लक्ष्य से कम वसूली हुई। ऐसे में विशेषज्ञों का मानना है कि जब पुराने लक्ष्य पूरे नहीं हो पाए, तो इस बार बढ़ाए गए लक्ष्य कितने यथार्थवादी होंगे, यह देखना बाकी है।
273 करोड़ में से 141.41 करोड़ एसएफसी और सीएफसी ग्रांट से आने हैं। यानी कुल आय का लगभग आधा हिस्सा राज्य और केंद्र सरकार की सहायता पर आधारित है। अनुदान में देरी हुई, तो विकास कार्यों की गति प्रभावित हो सकती है। ब्याज से आय 25.25 करोड़ रुपये दर्शाई गई है, जबकि स्वयं के राजस्व स्रोत अपेक्षाकृत सीमित दिखाई देते हैं।
खर्च का ढांचा, वेतन और पेंशन पर भारी बोझ
व्यय बजट में 108.25 करोड़ रुपये वेतन, पेंशन और अन्य मदों के लिए निर्धारित किए गए हैं। प्रशासनिक खर्च 14.60 करोड़ और संचालन व रखरखाव पर 20.32 करोड़ रुपये रखे गए हैं। सफाई व कचरा प्रबंधन पर 34.02 करोड़ तथा विकास कार्यों पर 90.35 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रावधान है। निगम के बजट का बड़ा हिस्सा प्रशासनिक और स्थायी खर्च में चला जाता है, जबकि विकास कार्यों के लिए वास्तविक राशि अपेक्षाकृत कम रह जाता है।