Search

यमुनानगर में अनोखा प्रदर्शन: पेंटर को नहीं मिली मजदूरी, तो स्टेडियम की दीवार पर ही लिख दिया ठेकेदार का नंबर

Jun 01, 2026 11:27 AM

यमुनानगर। अपनी मेहनत की कमाई वसूलने के लिए एक शख्स किस हद तक जा सकता है, इसका एक अनोखा मामला यमुनानगर के सढौरा में देखने को मिला है। यहां सरकारी खेल स्टेडियम की जिन दीवारों पर कुछ दिन पहले तक सरकार की योजनाओं और विकास के स्लोगन चमक रहे थे, आज उन्हीं दीवारों पर व्यवस्था को मुंह चिढ़ाती एक बेबसी की कहानी लिखी है। यह कहानी राजेंद्र नाम के एक स्थानीय पेंटर की है, जिसने ठेकेदार द्वारा भुगतान न किए जाने से तंग आकर स्टेडियम की दीवारों को ही अपना शिकायत पत्र बना दिया। उसने दीवार पर साफ शब्दों में लिख दिया कि उसे काम के बदले फूटी कौड़ी नहीं मिली है और इसके लिए जिम्मेदार ठेकेदार का नाम और नंबर भी वहां पेंट कर दिया।

जेब से लगाए पैसे, अब कर्जदारों का दबाव

पेंटर राजेंद्र ने अपना दर्द बयां करते हुए बताया कि बीती 12 मार्च को ठेकेदार अजय हुड्डा ने उसे फोन कर नगर पालिका सढौरा के तहत आने वाले स्टेडियम और अन्य सार्वजनिक जगहों पर स्लोगन लिखने का जिम्मा सौंपा था। ₹15 प्रति वर्ग फुट के हिसाब से बात तय हुई थी। राजेंद्र ने अपनी जेब से पेंट खरीदा और करीब 6-7 मजदूरों को दिहाड़ी पर रखकर 14 से 21 मार्च तक दिन-रात काम किया। कुल मिलाकर करीब 6,500 वर्ग फुट एरिया में स्लोगन लिखे गए, जिसका कुल बिल ₹97,500 बना। राजेंद्र काम की तस्वीरें लगातार ठेकेदार को भेजता रहा, लेकिन काम खत्म होते ही ठेकेदार के तेवर बदल गए।

दफ्तरों के चक्कर काट हारा, पुलिस ने भी नहीं सुनी

राजेंद्र का आरोप है कि पिछले कई महीनों से वह भुगतान के लिए ठेकेदार और अधिकारियों के चक्कर काट-काटकर थक चुका है। जब उसने नगर पालिका के अफसरों से गुहार लगाई, तो उन्होंने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि काम का अलॉटमेंट ठेकेदार को हुआ था, इसलिए भुगतान भी वही करेगा। बेबस राजेंद्र ने थाने के भी चक्कर काटे, लेकिन वहां से भी कोई ठोस मदद नहीं मिली। हद तो तब हो गई जब हक के पैसे मांगने पर ठेकेदार ने उसे धमकी दे डाली कि अगर दीवारों पर लिखी शिकायत नहीं मिटाई, तो वो पुलिस केस दर्ज करवा देगा और एक भी रुपया नहीं देगा।

सोशल मीडिया पर वायरल हुई दीवारें, तो जागा ठेकेदार

पहले तो राजेंद्र को कुछ स्थानीय लोगों ने समझा-बुझाकर शांत करा दिया था, लेकिन जब बच्चों की फीस और मजदूरों की दिहाड़ी देने के लाले पड़ गए, तो उसने आर-पार की लड़ाई का मन बनाया। दीवारों पर ठेकेदार का नंबर सार्वजनिक होते ही यह मामला पूरे सढौरा और यमुनानगर में चर्चा का विषय बन गया है। इस अनोखे प्रदर्शन के बाद अब ठेकेदार अजय हुड्डा के सुर कुछ बदले नजर आ रहे हैं। ठेकेदार ने राजेंद्र को फोन कर एक-दो दिनों के भीतर पूरा भुगतान चुकता करने का भरोसा दिया है। हालांकि, राजेंद्र का कहना है कि अगर इस बार भी उसे सिर्फ आश्वासन मिला, तो वह कोर्ट का दरवाजा खटखटाने से भी पीछे नहीं हटेगा।

You may also like:

Please Login to comment in the post!