यमुनानगर में 'अमेरिकन ड्रीम' पड़ा भारी: जमीन और जेवर बेचकर दिए 1.14 करोड़, महिला एजेंट ने दिया सवा करोड़ का धोखा
May 21, 2026 2:10 PM
यमुनानगर। यमुनानगर के बिलासपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव पीरूवाला के रहने वाले सुपिंदर सिंह बिलासपुर में ही 'खालसा एग्री इम्पेक्स' नाम से कृषि उपकरणों का कारोबार करते हैं। करीब एक दशक पहले उनकी मुलाकात हुडा जगाधरी के सेक्टर-18 की रहने वाली रजनी डांग उर्फ सोनू से हुई थी। रजनी खुद को इमिग्रेशन और विदेश भेजने के काम से जुड़ी बड़ी हस्ती बताती थी। जब सुपिंदर और उनकी पत्नी ने बेहतर भविष्य के लिए अमेरिका जाने की इच्छा जताई, तो रजनी ने उन्हें अपने विश्वास में ले लिया। उसने दंपती को अमेरिका का पक्का वर्क परमिट दिलाने का दावा करते हुए कहा कि कुल खर्च करीब एक करोड़ रुपये आएगा, जिसे वे धीरे-धीरे किस्तों में दे सकते हैं।
तिनका-तिनका जोड़ा, कर्ज लिया; कोलकाता में जाकर टूटा भरोसा
रजनी डांग के झांसे में आकर सुपिंदर सिंह ने अपनी जिंदगी भर की जमा-पूंजी दांव पर लगा दी। उन्होंने किस्तों का भुगतान करने के लिए अपनी दो एकड़ पुश्तैनी जमीन औने-पौने दामों में बेच दी, पत्नी के सारे गहने सुनार के पास रख दिए और रिश्तेदारों से लाखों का कर्ज उठा लिया। इस तरह उन्होंने नगद और खातों के जरिए रजनी को 97 लाख रुपये सौंप दिए। हद तो तब हो गई जब रजनी ने सुपिंदर की मुलाकात कांसापुर निवासी कमरियाब उर्फ टिंकू खान से करवाई और दावा किया कि वह रकम को छह महीने में दोगुनी कर देता है। रजनी के दबाव में आकर सुपिंदर ने 17.50 लाख रुपये टिंकू खान के पास भी लगा दिए।
सुरक्षा के तौर पर टिंकू ने अपनी एक जमीन की रजिस्ट्री दिखाकर कहा था कि पैसे न डूबने की गारंटी यह प्लॉट है। भरोसा पुख्ता करने के लिए पिछले साल 2025 में रजनी इस दंपती को वीजा की कागजी कार्रवाई का बहाना बनाकर कोलकाता भी ले गई, लेकिन वहां दिनों-दिन चक्कर कटवाने के बाद भी जब पासपोर्ट पर वीजा का ठप्पा नहीं लगा, तो सुपिंदर को ठगी का अहसास हुआ।
पैसे मांगे तो मिली झूठे केस और जान से मारने की धमकी
कोलकाता से खाली हाथ लौटने के बाद जब सुपिंदर सिंह ने रजनी डांग और टिंकू खान से अपने कुल 1 करोड़ 14 लाख 50 हजार रुपये और ओरिजिनल दस्तावेज वापस मांगे, तो आरोपियों के तेवर बदल गए। रजनी डांग ने सीधे तौर पर पैसे लौटाने से इनकार कर दिया और सुपिंदर को धमकी दी कि यदि उसने ज्यादा शोर मचाया तो वह उसे महिलाओं से जुड़े झूठे मामलों (छेड़छाड़ या एससी-एसटी एक्ट) में फंसा देगी। पीड़ित का आरोप है कि रजनी ने ऊंचे रसूख और पुलिस अधिकारियों से साठगांठ की धौंस देते हुए कहा कि उसका मुंह बंद कराने के लिए वह लाखों रुपये पानी की तरह बहा सकती है।
यही नहीं, आरोपी टिंकू खान ने सुपिंदर की फर्म का 2.50 लाख रुपये का एक सिक्योरिटी चेक भी दबा रखा है, जिसे वह कैश पैसे लेने के बाद भी वापस नहीं कर रहा है। मानसिक और आर्थिक रूप से पूरी तरह टूट चुके सुपिंदर ने आखिरकार जिला पुलिस कप्तान से न्याय की गुहार लगाई। बिलासपुर थाना पुलिस ने शिकायत की प्राथमिक जांच के बाद आरोपी रजनी डांग और कमरियाब उर्फ टिंकू खान के खिलाफ सख्त धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों के बैंक खातों और इमिग्रेशन से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल की जा रही है।