दोस्तों के साथ नहाने गया था 12वीं का छात्र, नदी में डूबने से मौत
May 26, 2026 3:31 PM
यमुनानगर। गर्मियों की आहट और तपते मौसम के बीच नदियों-नहरों में नहाने का शौक एक बार फिर मासूम जिंदगियों पर भारी पड़ने लगा है। ताजा मामला यमुनानगर के बुड़िया इलाके का है, जहां एक हंसता-खेलता परिवार उस वक्त पूरी तरह बिखर गया जब उनके 18 साल के जवान बेटे की यमुना नदी की गहराई नापते वक्त डूबने से मौत हो गई। मृतक प्रज्ज्वल अभी इसी साल 12वीं की परीक्षा देकर अपने सुनहरे भविष्य के ताने-बाने बुन रहा था। वह साबापुर की पूर्व सरपंच आशा रानी का भतीजा था। इस हादसे के बाद से पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है और पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।
पश्चिमी यमुना नहर से ओदरी घाट तक का वो सफर; जो आखिरी साबित हुआ
प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, सोमवार को प्रज्ज्वल अपने दोस्त आयुष और उसके जीजा के साथ सैर-सपाटे के लिए घर से निकला था। पहले इन तीनों ने साबापुर के पास से गुजरने वाली पश्चिमी यमुना नहर का रुख किया, लेकिन वहां बात न बनने पर वे सभी बुड़िया क्षेत्र के ओदरी घाट पर बह रही यमुना नदी में स्नान करने पहुंच गए।
दी के किनारे पानी कम था, लेकिन पैर पसारते-पसारते प्रज्ज्वल अचानक उस हिस्से की तरफ बढ़ गया जहां पानी की गहराई और बहाव दोनों ज्यादा थे।
बताया जा रहा है कि प्रज्ज्वल को तैरना बिल्कुल नहीं आता था। जैसे ही उसका संतुलन बिगड़ा और वह गहरे पानी में छटपटाने लगा, किनारे खड़े उसके साथियों के होश उड़ गए। उन्होंने शोर मचाते हुए प्रज्ज्वल को बचाने की जद्दोजहद की, लेकिन नदी की गहराई और पानी की रफ्तार के आगे उनकी हर कोशिश नाकाम साबित हुई और प्रज्ज्वल पलक झपकते ही आंखों से ओझल हो गया।
गोताखोरों ने खंगाला नदी का सीना; पुलिस मान रही है हादसा
चीख-पुकार सुनकर आसपास के खेतों में काम कर रहे ग्रामीण और घाट पर मौजूद लोग तुरंत नदी की तरफ दौड़े। स्थानीय स्तर पर कुछ युवकों ने नदी में उतरकर प्रज्ज्वल की तलाश शुरू की, लेकिन पानी मटमैला और गहरा होने के कारण उसका कोई सुराग नहीं मिल सका। इसके बाद मामले की भनक तुरंत बुड़िया थाना पुलिस को दी गई।
सूचना मिलते ही थाना प्रभारी दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे और बिना वक्त गंवाए पेशेवर गोताखोरों की टीम को नदी में उतारा गया। गोताखोरों ने नदी के चप्पे-चप्पे को खंगाला और करीब दो घंटे की भारी मशक्कत के बाद प्रज्ज्वल के बेजान शरीर को पानी की गहराई से ढूंढ निकाला।
जांच अधिकारी इंतियाज अली का आधिकारिक बयान: "घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू करवाया था। शव को कब्जे में लेकर यमुनानगर के सिविल अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया गया है, जिसके बाद इसे अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया गया। शुरुआती जांच और बयानों के आधार पर यह मामला पूरी तरह एक दर्दनाक हादसा प्रतीत हो रहा है। फिर भी, पुलिस घटना से जुड़े सभी पहलुओं और कड़ियों की बारीकी से तफ्तीश कर रही है।"
इस हादसे ने एक बार फिर स्थानीय प्रशासन के उन दावों और चेतावनियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं, जो हर साल नदियों और नहरों के खतरनाक घाटों पर न नहाने को लेकर जारी किए जाते हैं। जागरूक नागरिकों का कहना है कि जब तक ऐसे खतरनाक पॉइंट पर पुख्ता सुरक्षा घेरा या चेतावनी बोर्ड नहीं लगाए जाते, तब तक मासूमों की जिंदगी दांव पर लगती रहेगी।v