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यमुनानगर में रिटायर्ड बिजली अधिकारी की हत्या से इलाके में सनसनी, लूटपाट की आशंका

Jun 19, 2026 1:59 PM

यमुनानगर। हरियाणा के यमुनानगर जिले के जठलाना गांव से एक बेहद खौफनाक वारदात सामने आई है। यहां हिमाचल प्रदेश बिजली बोर्ड से रिटायर्ड 81 वर्षीय सुपरिंटेंडिंग इंजीनियर (एसई) जगदीश बंसल की उनके ही घर में घुसकर बेरहमी से हत्या कर दी गई। बुजुर्ग इंजीनियर गांव में बने अपने पुश्तैनी मकान में अकेले ही रहते थे। शुक्रवार की सुबह जब उनके घर काम करने वाली महिला पहुंची, तब इस रोंगटे खड़े कर देने वाले हत्याकांड का भंडाफोड़ हुआ। सूचना मिलते ही पुलिस और फोरेंसिक टीमें मौके पर पहुंच गईं।

बिस्तर और फर्श पर बिखरा था खून, सामान भी अस्त-व्यस्त

पुलिस की शुरुआती तफ्तीश के मुताबिक, हमलावरों ने जगदीश बंसल के सिर पर किसी भारी चीज से ताबड़तोड़ वार किए हैं, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। कमरे की हालत देखकर अंदाजा लगाया जा रहा है कि कातिलों ने वारदात को अंजाम देने के बाद पूरे घर की तलाशी ली। अलमारियां खुली थीं और सामान फर्श पर बिखरा पड़ा था। आशंका जताई जा रही है कि हत्या के पीछे लूटपाट का मकसद हो सकता है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है और मामले की कड़ियों को जोड़ने में जुट गई है।

मेड की जुबानी: 'आधे घंटे खटखटाया दरवाजा, फोन भी था बंद'

पिछले 10 साल से बंसल साहब के घर पर खाना बनाने और सफाई का काम करने वाली रुखसाना ने बताया कि वह रोज की तरह सुबह काम पर आई थी। बाहर के दो गेट खुले थे, लेकिन बीच का दरवाजा अंदर से बंद था। उसने करीब आधे घंटे तक कुंडी खटखटाई और बंसल साहब के मोबाइल पर फोन भी किया, लेकिन फोन बंद आ रहा था। अनहोनी की आशंका होने पर उसने पड़ोसियों को आवाज दी। इसके बाद पड़ोस का एक लड़का दीवार फांदकर अंदर दाखिल हुआ और दरवाजा खोला, तो अंदर बंसल साहब खून से लथपथ मृत पड़े थे। मेड के मुताबिक, घर से दो गैस सिलेंडर भी गायब हैं।

पत्नी की मौत के बाद अकेले रहने की जिद

पारिवारिक पृष्ठभूमि की बात करें तो जगदीश बंसल की पत्नी रेखा बंसल का करीब 9 साल पहले देहांत हो चुका है। उनका इकलौता बेटा राकेश बंसल भी बिजली बोर्ड से ही अधिकारी के पद से रिटायर हो चुका है और अब अपने परिवार के साथ जीरकपुर (पंजाब) में रहता है। मृतक की बहू अर्चना ने बताया कि पापा जी को शुरू से ही अपने गांव और मिट्टी से बेहद लगाव था। मां की मौत के बाद परिवार ने उन्हें कई बार अपने साथ जीरकपुर चलने को कहा, लेकिन वह हमेशा यही कहते थे कि उन्हें गांव में अकेले रहकर ही सुकून मिलता है। वह बच्चों के पास जाते भी थे, तो एक-दो दिन में ही वापस लौट आते थे।

पुलिस खंगाल रही है सीसीटीवी फुटेज

यमुनानगर पुलिस इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने के लिए गांव और आसपास के रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या हाल-फिलहाल में कोई संदिग्ध व्यक्ति या बाहरी शख्स गांव में देखा गया था। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

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