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पालेवाला गांव में कल रात रुकेंगी डीसी प्रीति, सजेगा जनता दरबार, मौके पर होगा शिकायतों का निपटारा

Jun 17, 2026 4:03 PM

यमुनानगर (संजीव चौहान ) ग्रामीण अंचल के लोगों को अपनी बुनियादी समस्याओं और शिकायतों के निवारण के लिए अब जिला मुख्यालय के चक्कर काटने की जरूरत नहीं होगी। हरियाणा सरकार के विशेष नीतिगत निर्देशों पर अमल करते हुए यमुनानगर जिला प्रशासन खुद चलकर ग्रामीणों की दहलीज पर पहुंच रहा है। इसी कड़ी में कल यानी 18 जून 2026 को रादौर उपमंडल के अंतर्गत आने वाले गांव पालेवाला के एक स्थानीय विवाह स्थल (मैरिज पैलेस) पर भव्य जनता दरबार और डीसी के 'रात्रि ठहराव' कार्यक्रम का खाका खींचा गया है। नगराधीश (सिटी मजिस्ट्रेट) पीयूष गुप्ता ने आज इस महत्वपूर्ण प्रशासनिक कवायद की आधिकारिक जानकारी साझा की।

नगराधीश ने कार्यक्रम के मिनट-टू-मिनट शेड्यूल की जानकारी देते हुए बताया कि गुरुवार दोपहर ठीक 2 बजे पालेवाला में जनता दरबार का आगाज हो जाएगा। इसके बाद, शाम 4:30 बजे से उपायुक्त प्रीति की सीधी अध्यक्षता में बहुप्रतीक्षित रात्रि ठहराव कार्यक्रम शुरू होगा। इस अनोखी पहल की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि खुद डीसी प्रीति और जिला पुलिस कप्तान (एसपी) कमलदीप गोयल देर रात तक गांव में ही डेरा डालेंगे। दोनों शीर्ष अधिकारी ग्रामीणों से बिना किसी वीआईपी प्रोटोकॉल के सीधा संवाद स्थापित करेंगे, उनकी सामूहिक व व्यक्तिगत शिकायतें सुनेंगे और मौके पर ही मौजूद संबंधित विभागों के अफसरों को समाधान की डेडलाइन तय कर निर्देश जारी करेंगे।

मुख्यमंत्री के 'समाधान' विजन को धरातल पर उतारने की कोशिश

प्रशासनिक गलियारों में इस कार्यक्रम को काफी अहम माना जा रहा है। नगराधीश पीयूष गुप्ता के मुताबिक, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के साफ दिशा-निर्देश हैं कि जनता और सरकार के बीच की दूरी को न्यूनतम किया जाए। इसी विजन के तहत जिला मुख्यालयों पर चल रहे समाधान शिविरों के समानांतर अब ग्रामीण इलाकों में इन जनता दरबारों और रात्रि ठहराव कार्यक्रमों को नए सिरे से धार दी जा रही है। मकसद बहुत साफ है—फाइलों में लटकी बिजली, पानी, सड़क, पेंशन और राशन कार्ड जैसी जनसुविधाओं से जुड़ी दिक्कतों का ऑन-द-स्पॉट (मौके पर) निपटारा करना।

प्रशासनिक अमले के इस दौरे को केवल शिकायतों तक सीमित नहीं रखा जा रहा है, बल्कि इसे एक सूचना केंद्र का रूप भी दिया जाएगा। रात्रि ठहराव के दौरान गांव में राज्य सरकार की पिछले 12 वर्षों की जनहितकारी नीतियों, कल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों की उपलब्धियों को दर्शाती एक भव्य विकास प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी। इसका उद्देश्य ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं के प्रति जागरूक करना है ताकि वे सीधे तौर पर इनका लाभ उठा सकें।

नगराधीश की सख्त हिदायत: जूनियर अफसरों को भेजा तो खैर नहीं

इस जनता दरबार को महज एक औपचारिक सरकारी कार्यक्रम बनने से रोकने के लिए जिला प्रशासन ने इस बार बेहद कड़ा रुख अख्तियार किया है। नगराधीश ने जिले के सभी विभागों के अध्यक्षों और प्रशासनिक प्रभारियों को सख्त लहजे में हिदायत जारी की है कि निर्धारित तिथि और समय पर सभी विभागाध्यक्षों का स्वयं मौके पर उपस्थित होना अनिवार्य है।

स्पष्ट कर दिया गया है कि बिना किसी बेहद आपातकालीन कारण या पूर्व अनुमति के कोई भी बड़ा अधिकारी अपनी जगह किसी कनिष्ठ (जूनियर) अधिकारी या क्लर्क को टरकाने के लिए नहीं भेजेगा। यदि कोई विभागाध्यक्ष इस आदेश की अवहेलना करता पाया गया, तो उसके खिलाफ अनुशासनहीनता के तहत सख्त विभागीय कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। कुल मिलाकर, पालेवाला गांव कल एक दिन के लिए पूरे जिले का प्रशासनिक केंद्र बनने जा रहा है, जिससे इलाके के लोगों में न्याय की बड़ी उम्मीद जगी है।

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