गायत्री शक्तिपीठ में पंचकुंडीय महायज्ञ के साथ मनाई गई महाराणा प्रताप जयंती, उमड़े श्रद्धालु
Jun 17, 2026 5:59 PM
यमुनानगर (संजीव चौहान)। मातृभूमि की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले और भारतीय इतिहास में अद्वितीय शौर्य के प्रतीक वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप का जन्मोत्सव आज यमुनानगर में पूरी श्रद्धा, गरिमा और सांगठनिक उत्साह के साथ मनाया गया। जगाधरी रोड स्थित सरोजनी कॉलोनी के श्री वेदमाता गायत्री शक्तिपीठ परिसर में जिला गायत्री परिवार ट्रस्ट द्वारा एक विशेष उत्सव का ताना-बाना बुना गया। इस भव्य कार्यक्रम में मुख्य अतिथि और अध्यक्ष के तौर पर स्थानीय विधायक घनश्याम दास अरोड़ा ने शिरकत की, जबकि विशिष्ट अतिथियों के रूप में वरिष्ठ भाजपा नेता नेपाल राणा, कैलाश चंद्र अग्रवाल, राजकुमार त्यागी और वर्कशॉप मंडल के अध्यक्ष शुभम राणा ने मंच साझा किया।
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथियों द्वारा महाराणा प्रताप के तैलचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर और दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इस भावुक और गौरवमयी क्षण में पूरा परिसर 'जय राजपूताना' और 'भारत माता की जय' के उद्घोष से गुंजायमान हो उठा।
युवाओं के लिए आज भी सबसे बड़े प्रेरणास्रोत हैं महाराणा प्रताप: घनश्याम दास
उपस्थित जनसमूह और सर्व समाज के प्रबुद्ध नागरिकों को संबोधित करते हुए विधायक घनश्याम दास अरोड़ा ने कहा कि महाराणा प्रताप कोई आम योद्धा नहीं थे, बल्कि उनका पूरा जीवन त्याग, पराक्रम, अडिग स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति की एक ऐसी अनुपम मिसाल है जिसकी तुलना इतिहास में विरली ही मिलती है। उन्होंने कहा कि महलों के वैभव को त्यागकर घास की रोटी खाना स्वीकार करने वाले प्रताप का चरित्र हमें सिखाता है कि अपनी संस्कृति, मूल्यों और स्वतंत्रता से कभी समझौता नहीं करना चाहिए। उनके ये आदर्श आज की युवा पीढ़ी को राष्ट्रहित में काम करने के लिए हमेशा प्रेरित करते रहेंगे।
पंचकुंडीय महायज्ञ में दी आहुतियां, समाज की एकजुटता पर बल
आयोजकों ने जानकारी देते हुए बताया कि यह पूरा आयोजन युगऋषि पूज्य पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य एवं वंदनीय माता भगवती देवी शर्मा के विचारों और उनकी पावन प्रेरणा के अनुरूप संपन्न हुआ। इस पावन अवसर पर शक्तिपीठ में गायत्री मंत्र जप के साथ-साथ एक भव्य दीप महायज्ञ और पंचकुंडीय गायत्री महायज्ञ का अनुष्ठान किया गया। वेद मंत्रों की गूंज के बीच श्रद्धालुओं ने यज्ञ कुंड में आहुतियां डालकर राष्ट्र की उन्नति, आपसी भाईचारे और समाज की सुख-समृद्धि के लिए सामूहिक प्रार्थना की।
ट्रस्ट के मुख्य कर्ता-धर्ता और मुख्य ट्रस्टी रविंद्र राणा ने समारोह में पहुंचे सभी अतिथियों और श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने अपने वक्तव्य में कहा कि महाराणा प्रताप को किसी एक जाति या वर्ग की सीमाओं में नहीं बांधा जा सकता; वे समूचे राष्ट्र के आत्मसम्मान और स्वतंत्रता के वैश्विक प्रतीक हैं। आज के दौर में सबसे बड़ी जरूरत उनके जीवन से सीख लेकर समाज को जाति-पाति से ऊपर उठाने और एकजुट होकर राष्ट्र निर्माण में गिलहरी योगदान देने की है।
इस ऐतिहासिक जन्मोत्सव में समाज के हर तबके की भागीदारी देखने को मिली। कार्यक्रम को सफल बनाने में रामबीर ठाकुर, सुरेंद्र कुशवाहा, योगेंद्र चौहान, डॉ. अजय राणा, राजेंद्र राणा, पार्षद विक्रम राणा, ओमप्रकाश सैनी, राम छबीला, रमेश शर्मा, सर्वेश कुमार, अनिल कुमार, मोहित गर्ग, पूर्णचंद शर्मा सहित महिला शक्ति में विद्या रानी, रोशनी और शकुंतला सहित सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुओं ने अपनी हाजिरी लगाई।