Search

पिहोवा बीडीपीओ कार्यालय में सरकारी योजनाओं का महामेला, एसडीएम अमन कुमार ने गिनाईं 12 साल की उपलब्धियां

Jun 17, 2026 5:56 PM

पिहोवा (अभिषेक पूर्णिमा)। "बीते 12 वर्षों का कालखंड देश के इतिहास में केवल सत्ता संचालन का समय नहीं रहा, बल्कि यह भारत के आर्थिक उत्थान, सामरिक सुरक्षा, आत्मनिर्भरता और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का एक स्वर्णिम अध्याय है।" यह विचार उपमंडल अधिकारी (नागरिक) एवं एसडीएम अमन कुमार ने आज पिहोवा के खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी (बीडीपीओ) कार्यालय परिसर में आयोजित विशेष जन कल्याण शिविर के दूसरे दिन उमड़े जनसैलाब को संबोधित करते हुए व्यक्त किए। केंद्र व राज्य सरकार के निर्देशानुसार 16 से 18 जून तक चलने वाले इस त्रि-दिवसीय जनसंवाद कार्यक्रम के माध्यम से विभिन्न विभागों की कल्याणकारी योजनाओं को सीधे जनता के बीच ले जाया जा रहा है।

शिविर का निरीक्षण करने पहुंचे एसडीएम अमन कुमार ने एक-एक स्टॉल का जायजा लिया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि कतार में खड़े अंतिम व्यक्ति का काम भी प्राथमिकता के आधार पर होना चाहिए। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि साल 2014 में हमारा देश वैश्विक अर्थव्यवस्था के पायदान पर 11वें स्थान पर खड़ा था। लेकिन आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी नीतियों, मजबूत आर्थिक फैसलों और देशवासियों के सामूहिक प्रयास की बदौलत भारत दुनिया की चौथी सबसे बड़ी आर्थिक महाशक्ति बन चुका है। वह दिन दूर नहीं जब भारत बहुत जल्द शीर्ष तीन देशों में शुमार होगा।

रक्षा क्षेत्र में टूटी विदेशी निर्भरता; अंत्योदय योजनाओं से बदला करोड़ों का जीवन

सत्र के दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा और सामरिक मोर्चे पर देश की प्रगति का जिक्र करते हुए एसडीएम ने कहा कि एक दौर वह था जब भारत अपनी छोटी-बड़ी रक्षा आवश्यकताओं और सैन्य साजो-सामान के लिए पूरी तरह विदेशी आकाओं पर निर्भर रहता था। मगर आज परिदृश्य बदल चुका है। 'मेक इन इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' की बदौलत हम न केवल मिसाइलों, आधुनिक हथियारों और सैन्य तकनीक का देश के भीतर निर्माण कर रहे हैं, बल्कि इनका बड़े पैमाने पर निर्यात भी कर रहे हैं। इससे वैश्विक पटल पर भारत की धाक और मजबूत हुई है।

प्रशासनिक स्तर पर आम लोगों से जुड़ाव की बात करते हुए उन्होंने कहा कि 'विकसित भारत-2047' के बड़े लक्ष्य को हासिल करने के लिए जमीनी स्तर पर काम चल रहा है। आयुष्मान भारत योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, किसान सम्मान निधि, जल जीवन मिशन और डिजिटल इंडिया जैसी योजनाओं ने समाज के सबसे पिछड़े तबके को समाज की मुख्यधारा से जोड़ा है। इन कल्याणकारी शिविरों का मूल मकसद भी यही है कि जो लोग अब तक इन योजनाओं से अछूते रह गए हैं, उन्हें मौके पर ही जोड़कर लाभ दिया जा सके।

एक ही छत के नीचे जुटे तमाम महकमे, ऑन-द-स्पॉट हुआ समस्याओं का निपटारा

बुधवार को आयोजित इस शिविर की सबसे बड़ी सफलता यह रही कि यहाँ ग्रामीणों को अपने कामों के लिए अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़े। शिविर में स्वास्थ्य विभाग से रवि कुमार, कृषि विभाग से जगतार सिंह, पशुपालन विभाग से संदीप जांगड़ा और खाद्य आपूर्ति विभाग से योगेंद्र की टीमों ने मोर्चा संभाला हुआ था।

इसके अलावा बागवानी विभाग से सूबे सिंह, जन स्वास्थ्य विभाग से केशव शर्मा, महिला एवं बाल विकास विभाग की सुपरवाइजरों सहित ब्लॉक हेड अमनदीप सिंह, दिनेश, संदीप शर्मा, तरसेम और श्याम लाल जैसे अधिकारियों व प्रबुद्ध नागरिकों ने सक्रिय भूमिका निभाई। शिविर में आधार कार्ड संशोधन, राशन कार्ड से जुड़ी दिक्कतें, मृदा स्वास्थ्य कार्ड और स्वास्थ्य जांच जैसी सुविधाएं एक ही छत के नीचे मिलने से पिहोवा और आसपास के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। प्रशासन का यह जनसंवाद अभियान कल 18 जून को अपने अंतिम पड़ाव पर रहेगा।

You may also like:

Please Login to comment in the post!