यमुनानगर फायरिंग केस: शूटर अमन से खुलेंगे गैंग के राज, पुलिस रडार पर मास्टरमाइंड
May 11, 2026 1:00 PM
यमुनानगर। यमुनानगर पुलिस इस पूरे मामले को पूर्व विधायक की फैक्ट्री पर हुई फायरिंग केस से जोड़कर देख रही है। उस मामले में भी शुरुआत में एक-दो नाम सामने आए थे, लेकिन तफ्तीश आगे बढ़ी तो सात आरोपियों की गिरफ्तारी हुई थी। ठीक उसी तरह, भूरे का माजरा फायरिंग केस में भी पुलिस को यकीन है कि अमन के ठीक होते ही जब गहन पूछताछ शुरू होगी, तो गैंग से जुड़े कई नए और चौंकाने वाले नाम सामने आएंगे। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इन शूटरों को टारगेट किसने दिया और इस पूरी साजिश की फंडिंग कहां से हुई।
पर्दे के पीछे छिपे चेहरों की तलाश
सीआईए-2 के इंचार्ज राकेश कुमार का मानना है कि यह केवल तीन लड़कों का काम नहीं है। वारदात को अंजाम देने के लिए बाकायदा इलाके की रेकी की गई और सटीक समय पर हमला किया गया। सूत्रों के मुताबिक, आरोपियों को हथियार किसने दिए और वारदात के बाद उन्हें छिपने के लिए जगह किसने मुहैया कराई, पुलिस उन चेहरों को बेनकाब करने के करीब है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गैंग का लॉजिस्टिक सपोर्ट सिस्टम ध्वस्त करना उनकी प्राथमिकता है, ताकि भविष्य में ऐसी वारदातों पर अंकुश लगाया जा सके।
खौफनाक थी वह रात: 17 राउंड गोलियों से दहल गया था गांव
यह मामला 25-26 अप्रैल की दरम्यानी रात का है, जब बदमाशों ने पूर्व सरपंच ऋषिपाल के बंद घर को निशाना बनाया और करीब 16 से 17 राउंड फायरिंग की। गोलियों की तड़तड़ाहट सुनकर जब ऋषिपाल का साला अंकित बाहर आया, तो बेखौफ बदमाशों ने उस पर भी निशाना साध दिया। गनीमत रही कि अंकित बाल-बाल बच गया। इसके बाद मंगलवार रात पुलिस ने घेराबंदी कर मुख्य आरोपी अमन को कुलपुर के पास मुठभेड़ में दबोच लिया। इस दौरान जवाबी कार्रवाई में अमन के पैर में गोली लगी, जबकि पुलिस के एसआई रोहन की बुलेटप्रूफ जैकेट पर गोली लगने से उनकी जान बच गई।