यमुनानगर ठगी: शिव मंदिर में ठहरा साधु निकला जालसाज, दो युवकों के 13.55 लाख लेकर फरार
May 13, 2026 12:32 PM
यमुनानगर। धर्म की आड़ में ठगी का एक ऐसा मामला सामने आया है जिसे सुनकर इलाके के लोग हैरान हैं। नाचरौन गांव के शिव मंदिर में जिस साधु को ग्रामीणों ने संत समझकर सिर आंखों पर बिठाया, वही ठग निकला। आरोपी ने खुद को कैलाश मानसरोवर की यात्रा से लौटा हुआ सिद्ध पुरुष बताकर पहले लोगों का भरोसा जीता और फिर गांव के ही दो युवकों को यूरोप भेजने का सपना दिखाकर उनसे 13.55 लाख रुपये और कीमती सामान बटोरकर चंपत हो गया।
भक्ति के चोले में छिपी थी अपराधी की नीयत
पुलिस को दी गई शिकायत के मुताबिक, मामला अगस्त 2025 से शुरू हुआ था। कमलनाथ उर्फ रुद्र नाथ नाम का एक व्यक्ति साधु का वेश धारण कर गांव नाचरौन के शिव मंदिर में आकर ठहर गया। उसने अपनी मीठी बातों और धार्मिक प्रवचनों से जल्द ही ग्रामीणों के बीच अपनी पैठ बना ली। वह रोज मंदिर में आरती करता और लोगों को धर्म का उपदेश देता था। किसी को कानो-कान खबर नहीं थी कि भगवा कपड़ों के पीछे एक शातिर दिमाग काम कर रहा है।
यूरोप का वर्क वीजा और किस्तों में वसूली
इसी दौरान आरोपी की नजर गांव के दो युवकों, विकास कुमार और हिमांशु राणा पर पड़ी। उसने दोनों को झांसा दिया कि उसकी बड़ी पहुंच है और वह उन्हें यूरोप में वर्क वीजा पर सेट करवा सकता है। विकास कुमार ने बताया कि आरोपी ने प्रति व्यक्ति 10 लाख रुपये का खर्चा बताया। झांसे में आकर विकास ने अलग-अलग किस्तों में 5.25 लाख रुपये नकद दे दिए। ठग की डिमांड यहीं खत्म नहीं हुई, उसने विकास से दो महंगे मोबाइल फोन और उसके जरूरी दस्तावेज भी ले लिए। वहीं, दूसरे युवक हिमांशु राणा के साथ भी यही खेल खेला गया। हिमांशु से करीब 8.30 लाख रुपये की मोटी रकम वसूली गई। साथ ही, आरोपी ने उससे दो हस्ताक्षरित (Signed) खाली चेक और अन्य दस्तावेज भी अपने पास रख लिए।
दिल्ली बुलाकर दिया फिंगरप्रिंट का झांसा
ठगी को अंजाम देने के लिए आरोपी ने पूरा ड्रामा रचा। उसने वीजा प्रक्रिया के नाम पर दोनों युवकों को दिल्ली बुलाया और दावा किया कि वहां उनकी 'फिंगर अपॉइंटमेंट' है। युवक दिल्ली पहुंचे, लेकिन वहां कोई प्रक्रिया नहीं हुई। इसके बाद जब पीड़ितों को शक हुआ और उन्होंने अपने पैसे व दस्तावेज वापस मांगे, तो 'संत' का असली चेहरा सामने आ गया। आरोपी ने उन्हें पैसे देने के बजाय जान से मारने की धमकी देनी शुरू कर दी।
रात के अंधेरे में मंदिर से हुआ फरार
धोखाधड़ी की पोल खुलने के डर से आरोपी कमलनाथ 11 मार्च की रात को बिना किसी को बताए मंदिर से गायब हो गया। जब सुबह वह अपनी कुटिया में नहीं मिला, तो युवकों के पैरों तले जमीन खिसक गई। पीड़ितों ने तुरंत मामले की सूचना पुलिस अधीक्षक कमलदीप गोयल को दी। आर्थिक अपराध शाखा (EOW) की शुरुआती जांच के बाद, थाना जठलाना पुलिस ने आरोपी कमलनाथ के खिलाफ धोखाधड़ी और धमकी देने की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस के पास आरोपी की फोटो मौजूद है और उसकी गिरफ्तारी के लिए टीमें रवाना कर दी गई हैं। गांव में अब इस बात को लेकर चर्चा है कि कैसे एक बाहरी व्यक्ति ने धर्म की आड़ लेकर उनकी गाढ़ी कमाई पर डाका डाल दिया।