Search

यमुनानगर नहर हादसा: दो दिन बाद रादौर के पास मिला 10वीं के छात्र शिवम का शव, इकलौता बेटा था

Jun 09, 2026 11:55 AM

यमुनानगर। हादसों की नहर बन चुकी पश्चिमी यमुना नहर ने एक और हंसते-खेलते परिवार का चिराग बुझा दिया। हमीदा हेड पर रविवार को डूबे 17 साल के स्कूली छात्र शिवम का शव आखिरकार दो दिनों के भारी सर्च ऑपरेशन के बाद सोमवार देर शाम रादौर क्षेत्र के पास नहर के पानी में उतराता हुआ मिला। राहगीरों की सूचना पर स्थानीय पुलिस और गोताखोरों की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। शव को पानी से बाहर निकालकर जब शिनाख्त कराई गई, तो दो दिनों से चमत्कार की उम्मीद लगाए बैठे परिजनों की रही-सही आस भी टूट गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर यमुनानगर के नागरिक अस्पताल के शवगृह में रखवाया, जहां मंगलवार को डॉक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम कर शव वारिसों को सौंप दिया।

स्विमिंग पूल का झूठ बोलकर मौत के मुहाने पर पहुंचे दोस्त

शादीपुर इलाके का रहने वाला शिवम 10वीं कक्षा का छात्र था। रविवार की छुट्टी के दिन वह अपने दोस्त किरणजीत के साथ घर से निकला था। मृतक के बेबस पिता उपेंद्र तिवारी ने अस्पताल परिसर में रुंधे गले से बताया:

"शिवम हमारा इकलौता बेटा था, हमारी पूरी दुनिया उसी से थी। रविवार को वह घर से यह कहकर निकला था कि दोस्तों के साथ स्विमिंग पूल में नहाने जा रहा है। मैंने उसे जाने से बहुत रोका था, टोकने पर वह थोड़ा चिढ़ भी गया और बिना सुने चला गया। मुझे क्या पता था कि वह मुझसे आखिरी बार बात कर रहा है। वे लोग स्विमिंग पूल गए ही नहीं, बल्कि सीधे हमीदा हेड आ गए।"

पानी का एक रेला आया और हाथ छूट गया

हादसे के वक्त शिवम के साथ मौजूद उसके दोस्त किरणजीत ने बताया कि दोनों का इरादा पहले सुरक्षित तरीके से नहाने का था। वे दोनों एक-दूसरे का हाथ पकड़कर पानी में उतरे थे ताकि पैर न फिसले। लेकिन नहाते-नहाते वे कब किनारे से थोड़ा आगे गहरे पानी की तरफ बढ़ गए, उन्हें अंदाजा ही नहीं हुआ। इसी बीच पीछे से आए पानी के एक तेज और अनपेक्षित बहाव ने दोनों का संतुलन बिगाड़ दिया। दोनों डूबने लगे और जान बचाने की जद्दोजहद शुरू हो गई। किरणजीत ने काफी हाथ-पैर मारने के बाद जैसे-तैसे किनारे पर आकर एक झाड़ी को पकड़ लिया और अपनी जान बचाई, लेकिन शिवम पानी के उस खौफनाक रेले के सामने टिक नहीं सका और देखते ही देखते आंखों के सामने ओझल हो गया।

दो दिनों तक झाड़ियों और गहराई में ढूंढते रहे गोताखोर

रविवार दोपहर को हुए इस हादसे के तुरंत बाद हमीदा चौकी पुलिस और प्रशासनिक गोताखोरों की टीम एक्टिव हो गई थी। दो दिनों तक गोताखोरों ने ऑक्सीजन सिलेंडरों की मदद से नहर की तलहटी, बड़े पत्थरों के मोड़ों और किनारों पर जमी झाड़ियों में सघन तलाशी अभियान चलाया। अनुभवी गोताखोरों ने पहले ही अंदेशा जता दिया था कि चूंकि नहर का डिस्चार्ज (पानी का बहाव) इन दिनों काफी तेज है, इसलिए शव कई किलोमीटर आगे निकल गया होगा। सोमवार शाम को ठीक ऐसा ही हुआ, जब घटनास्थल से करीब 15-20 किलोमीटर दूर रादौर के पास ग्रामीणों ने एक शव को बहते देखा। इस इकलौते बेटे की मौत के बाद शादीपुर इलाके में सन्नाटा पसरा है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

You may also like:

Please Login to comment in the post!