अंडरपास पर खड़ी रही बाइक और पटरी पर मिला शव; यमुनानगर में दो बच्चों के पिता की मौत
May 31, 2026 4:28 PM
यमुनानगर। जिले के आजाद नगर इलाके में उस समय मातम पसर गया, जब घर से कीर्तन की बात कहकर निकले एक अधेड़ व्यक्ति की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। घटना शनिवार देर शाम की है, जब यमुना नहर पुल के पास सहारनपुर की तरफ से आ रही एक मालगाड़ी के आगे आने से यह हादसा हुआ। रविवार को जब मृतक की शिनाख्त हुई, तो पता चला कि मृतक कोई और नहीं बल्कि आजाद नगर की गली नंबर-१ के रहने वाले प्रवीन कुमार (पुत्र कुलवंत राय) थे। हादसे के पीछे बेरोजगारी से उपजा मानसिक तनाव एक बड़ी वजह बनकर सामने आ रहा है।
जीआरपी (राजकीय रेलवे पुलिस) के जांच अधिकारी सब-इंस्पेक्टर (SI) कुलदीप सिंह ने मामले की तफ्सील देते हुए बताया कि शनिवार शाम करीब पौने सात बजे स्टेशन मास्टर के जरिए एक मेमो प्राप्त हुआ था। इसमें सूचना दी गई थी कि यमुना नहर पुल के पास एक व्यक्ति मालगाड़ी की चपेट में आ गया है। सूचना मिलते ही जीआरपी की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। रेलवे ट्रैक का मंजर बेहद खौफनाक था; व्यक्ति का शव क्षत-विक्षत अवस्था में पटरी पर बिखरा पड़ा था।
जेब में नहीं मिला कोई दस्तावेज, मोर्चरी में रखवाया शव
शुरुआती तफ्तीश के दौरान पुलिस ने शव की अमली जामा तलाशी ली ताकि उसकी पहचान की जा सके, लेकिन मृतक की जेब से ऐसा कोई भी कागज, मोबाइल या पहचान पत्र नहीं मिला जिससे उसका नाम-पता मालूम हो सके। शिनाख्त न होने की सूरत में पुलिस ने शव के अवशेषों को समेटकर यमुनानगर के सिविल अस्पताल (नागरिक अस्पताल) की मोर्चरी में अज्ञात के रूप में सुरक्षित रखवा दिया।
इसके बाद रविवार सुबह आजाद नगर इलाके के कुछ लोग अपने परिवार के एक सदस्य की गुमशुदगी की शिकायत लेकर थाने पहुंचे। जब पुलिस ने उन्हें हुलिए के आधार पर मोर्चरी में रखे शव और उसकी तस्वीरें दिखाईं, तो परिजनों की चीख निकल गई। उन्होंने मृतक की पहचान प्रवीन कुमार के रूप में की।
"फैक्ट्री से नौकरी क्या छूटी, पापा अंदर से टूट गए थे"
पूछताछ के दौरान मृतक के बेटे साहिल ने रोते हुए जो कहानी बयां की, वह आज के दौर में रोजगार छिनने के बाद पैदा होने वाले मानसिक अवसाद को बयां करती है। साहिल ने बताया कि उसके पिता प्रवीन कुमार पिछले काफी समय से एक स्थानीय प्लाइवुड फैक्ट्री में मजदूरी कर परिवार का पेट पाल रहे थे। लेकिन महज कुछ ही दिन पहले फैक्ट्री प्रबंधन ने उन्हें काम से हटा दिया। नौकरी जाने के बाद से ही वे गहरे डिप्रेशन में चले गए थे और अक्सर गुमसुम रहने लगे थे।
साहिल के मुताबिक, शनिवार शाम को प्रवीन ने घर पर कहा कि वे पास ही में आयोजित एक कीर्तन में मत्था टेकने जा रहे हैं और अपनी मोटरसाइकिल लेकर निकल गए। जब देर रात तक वे घर नहीं लौटे, तो परिजनों की चिंता बढ़ी। उन्होंने रातभर रिश्तेदारों और जान-पहचान वालों के यहां प्रवीन की तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं लगा। रविवार सुबह उन्हें पुलिस के जरिए इस अनहोनी की खबर मिली।
रेलवे अंडरपास के पास मिली लावारिस बाइक
पुलिस को तफ्तीश के दौरान रेलवे अंडरपास के पास मृतक प्रवीन कुमार की मोटरसाइकिल लावारिस हालत में खड़ी मिली है। अंदेशा जताया जा रहा है कि प्रवीन अपनी बाइक वहीं खड़ी करके पैदल ही रेलवे ट्रैक की तरफ गए थे। जीआरपी थाना पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया यह मामला नौकरी छूटने के तनाव में उठाया गया आत्मघाती कदम प्रतीत हो रहा है, हालांकि पुलिस दुर्घटना और अन्य सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की बारीकी से जांच कर रही है। पोस्टमार्टम के बाद शव अंतिम संस्कार के लिए रोते-बिलखते परिजनों को सौंप दिया गया है।