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3 घंटे तक बेटी की लाश गोद में लेकर घूमती रही मां, अदालत ने सुनाई उम्रकैद के साथ भारी जुर्माने की सजा

May 20, 2026 11:18 AM

 यमुनानगर। रिश्तों को शर्मसार और ममता को कलंकित करने वाले यमुनानगर के बहुचर्चित दिवजोत हत्याकांड में आखिरकार न्याय की जीत हुई है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश डॉ. सुखदा प्रीतम की अदालत ने महज तीन साल की बच्ची की बेरहमी से हत्या करने वाली मां मनिंदर कौर उर्फ सिम्मी को उम्रकैद की सख्त सजा सुनाई है। यह वह मामला था जिसने अगस्त 2022 में पूरे हरियाणा और पंजाब को हिलाकर रख दिया था। एक मां ने अपने अवैध संबंधों की राह से रोड़ा हटाने के लिए अपनी ही कोख से जन्मी मासूम को तड़पा-तड़पा कर मार डाला था। अदालत ने तमाम गवाहों और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर महिला को इस जघन्य अपराध का दोषी माना।

कॉलेज के दोस्त के साथ मिलकर रची थी खौफनाक साजिश

पुलिस तफ्तीश और अदालती दस्तावेजों के मुताबिक, यमुनानगर के कुलदीप नगर की रहने वाली मनिंदर कौर के अंबाला निवासी अमित नाम के युवक से कॉलेज के दिनों से ही प्रेम संबंध थे। शादी के बाद भी दोनों लगातार सोशल मीडिया और फोन के जरिए एक-दूसरे के संपर्क में थे, जिसे लेकर घर में अक्सर कलह होती थी। दोनों ने एक साथ नई जिंदगी शुरू करने की ठानी, लेकिन रास्ते में दो बच्चे आड़े आ रहे थे। इसी खौफनाक मंसूबे के तहत 9 अगस्त 2022 को मनिंदर अपने 8 साल के बेटे और 3 साल की बेटी को लेकर घर से फरार हो गई और बस पकड़कर अमृतसर पहुंच गई। वहां के एक होटल में प्रेमी अमित पहले से उसका इंतजार कर रहा था।

होटल के कमरे में दुपट्टे से घोंटा मासूम का गला

होटल के बंद कमरे में जो कुछ हुआ, उसने इंसानियत को झकझोर कर रख दिया। अपनी हवस और स्वार्थ में अंधी हो चुकी मां ने अमित के साथ मिलकर अपनी 3 साल की लाडली दिवजोत का दुपट्टे से गला घोंट दिया। मासूम अपनी मां के आगे रहम की भीख मांगती रही, लेकिन सिम्मी का दिल नहीं पसीजा। इस पूरी खौफनाक वारदात को उसका 8 साल का बेटा हरकीरत सहमी आंखों से देख रहा था। हत्या को अंजाम देने के बाद मनिंदर बच्ची की लाश को गोद में उठाकर करीब तीन घंटे तक श्री हरिमंदिर साहिब (गोल्डन टेंपल) परिसर के पास घूमती रही ताकि किसी को शक न हो। मौका पाकर उसने शव को प्लाजा क्षेत्र में छोड़ दिया और वहां से नौ दो ग्यारह हो गई।

मासूम बेटे की गवाही और सीसीटीवी फुटेज से सजा तक पहुंची पुलिस

एसजीपीसी (SGPC) की सतर्कता और सीसीटीवी कैमरों की बदौलत इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझ सकी। कैमरों में मनिंदर पहले बच्ची को गोद में लिए दिखी और कुछ देर बाद उसके हाथ में सिर्फ एक बड़ा बैग था। उधर, यमुनानगर में पति कुलविंदर की शिकायत पर पुलिस पहले ही अलर्ट थी। वारदात के बाद शातिर महिला अमृतसर से 230 किलोमीटर दूर राजपुरा थाने पहुंच गई और खुद को बचाने के लिए बेटी के लापता होने की झूठी कहानी गढ़ने लगी, लेकिन कड़ियों को जोड़ रही पुलिस ने उसे दबोच लिया। अदालत में मनिंदर के अपने ही बेटे की आंखों देखी गवाही, होटल के रजिस्टर, मोबाइल चैट और पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने आरोपी मां को बचने का कोई रास्ता नहीं दिया। 

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