Search

Yamunanagar News: यमुनानगर में अवैध खनन पर नहीं लग रहा लगाम, माइनिंग नाके बने मूकदर्शक

Apr 01, 2026 5:03 PM

छछरौली: जिले में अवैध खनन पर रोक लगाने के प्रशासनिक दावे धरातल पर कमजोर साबित हो रहे हैं। अवैध खनन को रोकने के लिए लगाए गए 16 माइनिंग नाके महज औपचारिकता बनकर रह गए हैं। ट्रांसपोर्टर फर्जी और एडिट किए हुए रवानों के सहारे नाकों से आसानी से गुजर रहे हैं और कर्मचारियों की आंखों में धूल झोंककर अवैध खनन सामग्री का परिवहन जारी है।

प्रशासन ने पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से इन नाकों पर माइनिंग विभाग के साथ पुलिस, पंचायत, वन विभाग और पशु चिकित्सा विभाग के कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई है। इसके अलावा प्रत्येक वाहन के रवानों की जांच के लिए कर्मचारियों को ऑनलाइन मोबाइल एप भी उपलब्ध कराया गया है। बावजूद इसके अधिकांश नाकों पर स्थिति संतोषजनक नहीं है। कई स्थानों पर केवल पुलिस कर्मी ही मौजूद मिलते हैं, जो रजिस्टर में वाहनों की एंट्री कर औपचारिकता पूरी कर रहे हैं, जबकि अन्य विभागों के कर्मचारी ड्यूटी से नदारद रहते हैं।

वन विभाग के कर्मचारियों पर अतिरिक्त दबाव देखा जा रहा है। एक ओर जहां खैर तस्करी की घटनाएं बढ़ रही हैं, वहीं फायर सीजन शुरू होने से जंगलों की सुरक्षा भी चुनौती बनी हुई है। विभाग के एक कर्मचारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि उसकी ड्यूटी 70 किलोमीटर दूर नाके पर लगाई गई है, जिसकी सूचना विभाग को देने के बावजूद रोस्टर में बदलाव नहीं किया गया।

जगमार्ग टीम द्वारा ताहरपुर स्थित माइनिंग नाके के निरीक्षण के दौरान केवल दो पुलिस कर्मचारी ही मौके पर मिले। रजिस्टर में 12 वाहनों की एंट्री दर्ज थी, जबकि ऑनलाइन एप के माध्यम से जांच करने वाले कर्मचारी अनुपस्थित पाए गए। कई वाहनों के रवानों 15 से 20 दिन पुराने पाए गए, जिससे स्पष्ट है कि मौके पर नियमों की अनदेखी हो रही है। माइनिंग विभाग और पुलिस की मौजूदगी के बावजूद जिले में अवैध खनन का खेल बदस्तूर जारी है, जो प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है।


फर्जीवाड़ा मिला तो होगी जांच: एसडीएम

छछरौली के एसडीएम रोहित कुमार ने कहा कि यदि फर्जी ई-रवाना के जरिए वाहन गुजर रहे हैं तो इसकी जांच कर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों की अनुपस्थिति की भी जांच की जाएगी।

You may also like:

Please Login to comment in the post!