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Yamunanagar News: कन्हैया मित्तल की टिप्पणी के बाद विवादों में घिरा यमुनानगर का धार्मिक कार्यक्रम, यहां पढ़ें पूरा मामला

Apr 07, 2026 11:45 AM

यमुनानगर: हरियाणा के यमुनानगर में एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान भजन गायक कन्हैया मित्तल ने विवादित बयान देकर नई बहस छेड़ दी। सोमवार-मंगलवार की रात तेजली रोड स्थित श्री श्याम प्यारे परिवार द्वारा आयोजित श्री बालाजी संकीर्तन कार्यक्रम में पहुंचे कन्हैया मित्तल ने मजार, धर्म परिवर्तन और घुसपैठियों को लेकर कई तीखी टिप्पणियां कीं। कार्यक्रम देर रात तक चला और इस दौरान दिए गए उनके बयान अब चर्चा का विषय बन गए हैं।

मजार और धर्म परिवर्तन पर टिप्पणी

कार्यक्रम के दौरान कन्हैया मित्तल ने मजार पर जाने वालों को लेकर विवादित बयान दिया। उन्होंने कहा कि जो लोग मजार पर माथा टेकते हैं, उन्हें पितृ दोष लगता है क्योंकि वे अपना धर्म बदल लेते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जब तक व्यक्ति अपने धर्म के साथ रहता है, तब तक पितृ दोष नहीं लगता। उनके इस बयान ने धार्मिक आस्था और सहिष्णुता को लेकर बहस को जन्म दिया है।

घुसपैठियों और बेटियों को लेकर बयान

कन्हैया मित्तल ने अपने संबोधन में बांग्लादेशी और पाकिस्तानी घुसपैठियों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने दावा किया कि ये लोग नकली पहचान बनाकर भारत में रह रहे हैं और उनकी नजर भारतीय बेटियों पर है। उन्होंने कहा कि आज की बेटियां सिर्फ घर तक सीमित नहीं हैं और देश की सुरक्षा में भी भूमिका निभा रही हैं। उनके इस बयान को लेकर भी कई तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

भजन में भी दिया संदेश

भजन गायन के दौरान भी कन्हैया मित्तल ने एक लाइन के जरिए संदेश दिया, जिसमें उन्होंने कहा कि भारत की बेटियां दुर्गा और काली का रूप धारण करें, लेकिन बुर्का न पहनें। इस टिप्पणी को लेकर भी कार्यक्रम में मौजूद लोगों के बीच चर्चा हुई। इसके अलावा उन्होंने सिख गुरुओं का जिक्र करते हुए कहा कि अगर गुरु तेग बहादुर और गुरु गोबिंद सिंह न होते तो धार्मिक स्वतंत्रता संभव नहीं होती।

गुरुद्वारे को लेकर कही बात

कन्हैया मित्तल ने अपने संबोधन में गुरुद्वारों के प्रति सम्मान भी जताया। उन्होंने कहा कि वह मस्जिद और चर्च नहीं जाते, लेकिन गुरुद्वारा देखते ही उनका मन श्रद्धा से भर जाता है। उन्होंने मंदिर और गुरुद्वारे को समान आस्था का स्थान बताया। उनके इस बयान को कार्यक्रम में मौजूद सिख श्रद्धालुओं ने सकारात्मक रूप में लिया।

आयोजकों की प्रतिक्रिया

कार्यक्रम के आयोजक धीरज ने कन्हैया मित्तल के बयान को विवादित मानने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम रात करीब एक बजे तक चला और कन्हैया ने समाज के हित में बातें कीं। हालांकि, उनके बयान को लेकर अब व्यापक स्तर पर चर्चा हो रही है और अलग-अलग वर्गों से प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।

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