यमुनानगर में 'ऑपरेशन मैदान 2.0' का एक्शन, महिला के घर पुलिस की बड़ी छापेमारी
Jun 17, 2026 10:44 AM
यमुनानगर। हरियाणा सरकार और पुलिस प्रशासन द्वारा नशे के सौदागरों के खिलाफ छेड़े गए 'ऑपरेशन मैदान 2.0' के तहत यमुनानगर में एक बड़ी कार्रवाई देखने को मिली है। जिले के छछरौली थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव हैदरपुर में पुलिस की भारी-भरकम टीम ने एक महिला के घर पर अचानक दबिश दी। इस छापेमारी का मकसद गांव में बड़े पैमाने पर नशा बेचने के लग रहे आरोपों की हकीकत जानना था। कार्रवाई इतनी सघन थी कि पुलिस कर्मियों ने घर के कोने-कोने की बारीकी से तलाशी ली।
नशीले पदार्थों को छिपाने की हर मुमकिन जगह, जैसे वॉशरूम की फ्लश, छत पर रखी पानी की टंकियां और यहां तक कि बिजली के मीटर बॉक्स तक को खोलकर चेक किया गया। पुलिस की इस अचानक हुई हलचल को देखने के लिए मौके पर ग्रामीणों का भारी हुजूम इकट्ठा हो गया। इस दौरान गांव में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी तनाव का माहौल देखा गया।
सीसीटीवी फुटेज से मचा हड़कंप; महिला ने दी सफाई
इस पूरी कार्रवाई के बीच इलाके में कुछ सीसीटीवी वीडियो भी तेजी से चर्चा का विषय बने हुए हैं। ग्रामीणों का दावा है कि इन वीडियो में उक्त महिला घर के बाहर खड़े कुछ संदिग्ध लोगों को कथित तौर पर नशा सप्लाई करती हुई साफ दिखाई दे रही है। हालांकि, पुलिस की इस मैराथन छापेमारी के खत्म होने के बाद आरोपी महिला मीडिया के सामने आई और उसने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया।
महिला का सीधा आरोप है कि गांव के सरपंच प्रतिनिधि सरवन कुमार पुरानी व्यक्तिगत रंजिश के चलते उसे और उसके परिवार को बदनाम करने पर तुले हुए हैं। महिला ने खुद को पूरी तरह निर्दोष बताते हुए इसे अपने खिलाफ रची गई एक सोची-समझी साजिश करार दिया है।
सरपंच और पुलिस का पक्ष: आरोप-प्रत्यारोप के बीच सुलगते सवाल
दूसरी ओर, सरपंच प्रतिनिधि सरवन कुमार अपने आरोपों पर पूरी तरह अडिग हैं। उनका कहना है कि यह महिला काफी लंबे समय से गांव के भीतर नशे का काला कारोबार चला रही है, जिसकी वजह से हैदरपुर और आसपास के कई युवाओं का भविष्य अंधकार में डूब चुका है। उन्होंने पुलिस के उच्चाधिकारियों से मांग की है कि इस मामले की गहराई से जांच कर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए ताकि पूरे गांव को नशे के इस जानलेवा जाल से परमानेंट मुक्त कराया जा सके।
इस हाई-प्रोफाइल छापेमारी को लेकर छछरौली थाना प्रभारी वेदपाल ने स्थिति साफ की है। उन्होंने बताया कि जिला पुलिस ने नशा बेचने और खरीदने वाले संदिग्ध ठिकानों को चिन्हित किया हुआ है, जिसके तहत यह कार्रवाई की गई। थाना प्रभारी ने स्पष्ट किया कि पुलिस को पुख्ता सूचना मिली थी, जिसके आधार पर सर्च ऑपरेशन चलाया गया, हालांकि इस दौरान घर से कोई भी प्रतिबंधित नशीला पदार्थ बरामद नहीं हुआ है। फिलहाल गांव में आरोप-प्रत्यारोप का दौर चरम पर है और पुलिस हर पहलू की बारीकी से तफ्तीश कर रही है।