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45 डिग्री पारे में हांफने लगे ट्रांसफार्मर, ठंडा रखने के लिए लगाए बड़े पंखे और फॉगिंग सिस्टम

May 28, 2026 1:52 PM

यमुनानगर। यमुनानगर समेत पूरे इलाके में इन दिनों आसमान से आग बरस रही है। पारा 45 डिग्री के स्तर को छू चुका है, जिसके कारण घरों और दफ्तरों में एसी-कूलर लगातार चल रहे हैं। बिजली की इस बेतहाशा खपत ने पावर ग्रिड और ट्रांसफार्मरों पर लोड को रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा दिया है। अत्यधिक हीटिंग के कारण ट्रांसफार्मर ओवरहीट होकर फूंक न जाएं, इसके लिए यमुनानगर बिजली विभाग ने एक अनोखा और बेहद जरूरी तरीका निकाला है। शहर के मुख्य पावर हाउसों में लगे भारी-भरकम ट्रांसफार्मरों को ठंडा रखने के लिए विशेष कूलिंग अरेंजमेंट किए गए हैं, ताकि सिस्टम क्रैश होने से बचा जा सके।

वाटर फॉगिंग और बड़े पंखों से किया जा रहा तापमान नियंत्रित

आमतौर पर सर्दियों या सामान्य मौसम में जिन ट्रांसफार्मरों की तरफ मुड़कर देखने की जरूरत नहीं पड़ती थी, आज उन्हें लगातार ठंडी हवा और पानी की जरूरत पड़ रही है। बिजली विभाग ने पावर स्टेशनों पर बड़े-बड़े इंडस्ट्रियल पंखे इंस्टॉल किए हैं। इसके साथ ही, ऑटोमैटिक वाटर फॉगिंग सिस्टम के जरिए ट्रांसफार्मरों की बॉडी पर लगातार ठंडे पानी की बारीक फुहारें छोड़ी जा रही हैं। अधिकारियों के मुताबिक, इस थेरेपी से कॉपर वाइंडिंग और तेल का तापमान सामान्य बना रहता है, जिससे इंसुलेशन फेल होने का खतरा काफी हद तक टल जाता है। यह पूरी कसरत इसलिए की जा रही है ताकि आम जनता को इस चिलचिलाती गर्मी में बिना रुकावट बिजली मिलती रहे।

बड़े फाल्ट से बचने के लिए छोटे कट लगाना मजबूरी

फील्ड में तैनात बिजली विभाग के शिफ्ट अटेंडेंट धर्मेंद्र ने जमीनी हकीकत बयां करते हुए कहा कि इतनी भीषण गर्मी में सिस्टम को मेंटेन रखना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं है। उन्होंने साफ किया कि ट्रांसफार्मर की सेहत दुरुस्त रखने और किसी बड़े हादसे या लाइन ब्रेकडाउन को टालने के लिए बीच-बीच में कुछ समय के लिए शटडाउन (कट) लेना बेहद जरूरी हो जाता है। अगर यह रूटीन मरम्मत न की जाए, तो कोई बड़ा फाल्ट आ सकता है, जिससे पूरा इलाका घंटों या दिनों के लिए अंधेरे में डूब सकता है। धर्मेंद्र ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे ऐसे छोटे कट्स के दौरान थोड़ा धैर्य बनाए रखें।

फील्ड में मुस्तैद टीमें, लोड मैनेजमेंट पर पैनी नजर

गर्मी का यह पूरा सीजन बिजली महकमे की अग्निपरीक्षा जैसा साबित हो रहा है। विभाग की तरफ से यह दावा किया जा रहा है कि केवल पावर हाउस ही नहीं, बल्कि कॉलोनियों में लगे डिस्ट्रीब्यूशन ट्रांसफार्मरों पर भी लोड का ऑडिट किया जा रहा है। कंट्रोल रूम को अलर्ट मोड पर रखा गया है और लाइनमैन व तकनीकी एक्सपर्ट्स की टीमें गाड़ियों के साथ फील्ड में मुस्तैद हैं। विभाग का कहना है कि जहां भी तार टूटने या ट्रिपिंग की शिकायत आती है, उसे तुरंत प्राथमिकता के आधार पर अटेंड किया जा रहा है ताकि इस तपते मौसम में जनता को कम से कम परेशानी का सामना करना पड़े।

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