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यमुनानगर के खिल्लांवाला गांव में पानी चोरों पर चला जन स्वास्थ्य विभाग का डंडा, एक साथ काटे 37 अवैध कनेक्शन

Jun 03, 2026 5:23 PM

यमुनानगर (रघबीर सिंह)। भीषण गर्मी के इस सीजन में जहां पानी की एक-एक बूंद के लिए हाहाकार मचा है, वहीं कुछ लोग सरकारी पेयजल आपूर्ति में सेंधमारी कर पानी की खुलेआम बर्बादी कर रहे थे। प्रतापनगर के पास स्थित गांव खिल्लांवाला से जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (पब्लिक हेल्थ) को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि गांव के ऊंचे और अंतिम छोर पर बसे घरों में पानी की एक बूंद भी नहीं पहुंच रही है। ग्रामीणों की इसी समस्या को गंभीरता से लेते हुए विभाग की एक विशेष टास्क फोर्स ने मंगलवार को गांव में औचक दबिश दी, जिससे अवैध रूप से मुख्य लाइनों में सुराख कर पानी चुरा रहे लोगों में हड़कंप मच गया।

जूनियर इंजीनियर के नेतृत्व में चला कड़ा सर्च ऑपरेशन

यह पूरी कार्रवाई कनिष्ठ अभियंता (JE) भरत सिंह के नेतृत्व में गठित टीम द्वारा अमल में लाई गई। टीम ने सुबह-सुबह जब गांव की गलियों में बिछी मुख्य पेयजल लाइनों की जांच शुरू की, तो एक के बाद एक 37 ऐसे कनेक्शन मिले जो बिना किसी सरकारी मंजूरी और मीटर के सीधे पाइपलाइनों में कटिया मारकर चलाए जा रहे थे। कई जगहों पर तो इन अवैध कनेक्शनों के जरिए बाड़ों और खेतों में पानी बहाया जा रहा था। फिटर सोनू, रामजी लाल, इसरान और देवेंद्र सैनी की तकनीकी टीम ने बिना कोई ढील दिए इन सभी 37 अवैध पाइपों को उखाड़ फेंका और मुख्य लाइन को पूरी तरह ब्लॉक कर दिया।

कुटीपुर के बाद अब खिल्लांवाला में चला विभाग का पीला पंजा

पेयजल चोरी के खिलाफ विभाग का यह कोई पहला एक्शन नहीं है। इससे पहले विभाग की टीम 30 मई और 1 जून को नजदीकी गांव कुटीपुर में भी इसी तरह का बड़ा सर्च ऑपरेशन चला चुकी है। कुटीपुर में टीम ने 50 से अधिक अवैध और लावारिस पड़े कनेक्शनों को काटकर सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों को कड़ा संदेश दिया था। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि ग्रामीण अंचलों में पानी का संकट प्राकृतिक कम और इंसानी लापरवाही व चोरी की वजह से ज्यादा गहरा रहा है, जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

गाड़ी धोने और फर्श चमकाने पर दर्ज होगी FIR

उपमंडल अभियंता (SDO) सरदार गुरदीप सिंह ने मामले की गंभीरता को रेखांकित करते हुए ग्रामीणों को सख्त लहजे में हिदायत दी है। उन्होंने कहा कि पीने का पानी सिर्फ और सिर्फ घरेलू आवश्यकताओं और जीवन रक्षक जरूरतों के लिए है। यदि कोई भी व्यक्ति सरकारी सप्लाई के पानी से गाड़ियां धोता, फर्श चमकाता या अपने खेतों व पशुओं के बाड़ों में सीधे पाइप लगाकर पानी की बर्बादी करता पाया गया, तो उसके खिलाफ सीधे एफआईआर (FIR) दर्ज कराई जाएगी। उन्होंने जनता से भावुक अपील करते हुए कहा कि जल संरक्षण हम सबकी साझी जिम्मेदारी है, इसलिए पानी की बर्बादी को रोकें और अवैध कनेक्शन धारकों की सूचना तुरंत विभाग को दें।

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