यमुनानगर में भीषण सड़क हादसा, मक्के से लदे ट्रक ने दो बाइकों को कुचला, 4 की मौत
May 30, 2026 10:21 AM
यमुनानगर। यमुनानगर के प्रतापनगर इलाके में आने वाले लालढांग के पास शुक्रवार को हुआ सड़क हादसा सिर्फ एक दुर्घटना नहीं, बल्कि दो हंसते-खेलते परिवारों को उजाड़ देने वाली त्रासदी बन गया। चुहड़पुर कलां गांव का धीमान परिवार लंबे समय से हिमाचल प्रदेश स्थित श्री रेणुका जी के दर्शन की योजना बना रहा था। गर्मियों की छुट्टियां होने और मौसम थोड़ा साफ होने पर शुक्रवार सुबह परिवार घर से निकला था। लेकिन कलेसर नेशनल पार्क के जंगलों से गुजरते हुए जैसे ही दोनों बाइकें लालढांग के तीखे मोड़ और ढलान पर पहुंचीं, सामने से मक्के की बोरियों से लदा एक बेकाबू ट्रक आया और दोनों बाइकों को रौंदते हुए उनके ऊपर पलट गया।
शवों के हो गए टुकड़े, मंजर देख कांप उठी लोगों की रूह
हादसा कितना खौफनाक था, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि ट्रक के नीचे दबने के कारण राजेंद्र धीमान, उनकी दो बेटियों और रिश्तेदार फूल सिंह को चीखने तक का मौका नहीं मिला। भारी-भरकम ट्रक और मक्के की सैकड़ों बोरियों के बोझ तले दबने से चारों के शरीर बुरी तरह क्षत-विक्षत हो गए। मौके पर पहुंची पुलिस और स्थानीय लोगों ने क्रेन की मदद से जब ट्रक को सीधा किया, तो वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं। मृतकों की हड्डियां तक चकनाचूर हो चुकी थीं और शवों की हालत ऐसी थी कि उन्हें प्लास्टिक के बड़े-बड़े थैलों में गठरी की तरह बांधकर अस्पताल के पोस्टमार्टम हाउस तक ले जाना पड़ा।
एक ही आंगन से उठीं तीन चिताएं, गांव में पसरा सन्नाटा
इस दिल दहला देने वाले हादसे ने चुहड़पुर कलां गांव के राजेंद्र धीमान के परिवार को लगभग खत्म कर दिया है। राजेंद्र के साथ उनकी दो मासूम बेटियां सिमरन उर्फ सिम्मी (16) और मिनल उर्फ मिनी (14) इस दुनिया से चली गईं। जब गांव के श्मशान घाट में पिता और दोनों बेटियों की चिताएं एक साथ जलीं, तो पूरा इलाका रो पड़ा। इस अभागे घर में अब सिर्फ अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रही मां उषा और घर पर रुक गई बड़ी बेटी ऐनी ही बची हैं। वहीं, हादसे का शिकार हुए दूसरे बाइक सवार रिश्तेदार फूल सिंह (निवासी दौलतपुर) की भी कोई औलाद नहीं थी, उनकी मौत के बाद अब उनकी पत्नी घर में बिल्कुल अकेली रह गई हैं।
मौत इतनी तेजी से आई कि संभलने का मौका नहीं मिला: घायल उषा
अस्पताल के बेड पर गंभीर हालत में भर्ती उषा ने रोते हुए बताया कि शुक्रवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे वे दो बाइकों पर पांच लोग घर से निकले थे। रास्ता न भटकें, इसलिए दोनों बाइकें साथ-साथ चल रही थीं। फूल सिंह की बाइक पर दोनों बेटियां सिम्मी और मिनी बैठी थीं, जबकि उषा अपने पति राजेंद्र के साथ थीं। उषा के मुताबिक, जैसे ही वे लालढांग की चढ़ाई के पास पहुंचे, ढलान पर आ रहा ट्रक अचानक हिचकोले खाते हुए रॉन्ग साइड आ गया। उषा ट्रक की चपेट में आने से दूर छिटक गईं, जिससे उनकी जान तो बच गई, लेकिन उनकी आंखों के सामने उनका पूरा परिवार मलबे के नीचे दफन हो गया।
यूपी नंबर का ट्रक चालक फरार, पुलिस तफ्तीश में जुटी
प्रतापनगर थाना प्रभारी रोहताश ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि दुर्घटना के बाद उत्तर प्रदेश के नंबर वाले इस ट्रक को पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। हादसे के तुरंत बाद आरोपी ड्राइवर मौके से फरार होने में कामयाब रहा। पुलिस ने जब ट्रक के केबिन की तलाशी ली, तो उसमें गाड़ी या मालिक से जुड़ा कोई भी वैध दस्तावेज बरामद नहीं हुआ। पुलिस ने चारों शवों का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है और फरार ट्रक चालक की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है।