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यमुनानगर सतनाम सिंह हत्याकांड: शूटर को चोरी की बाइक देने वाला तीसरा आरोपी आर्यन गिरफ्तार

May 24, 2026 1:54 PM

यमुनानगर। यमुनानगर के बाल छप्पर गांव में हुए सनसनीखेज सतनाम सिंह हत्याकांड की गुत्थी को सुलझाते हुए अपराध शाखा-2 की टीम ने तीसरे आरोपी को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। पकड़े गए आरोपी की पहचान गांव लबाना निवासी आर्यन के रूप में हुई है। पुलिस की कड़ी पूछताछ में सामने आया है कि आर्यन ने पेशेवर शूटरों की मदद के लिए पर्दे के पीछे से काम किया था। उसने वारदात को अंजाम देने के लिए इस्तेमाल की गई चोरी की बाइक का इंतजाम किया था, ताकि पुलिस की आंखों में धूल झोंकी जा सके। इस मामले में पुलिस दो आरोपियों को पहले ही दबोच चुकी है।

दोस्तों के कहने पर चुराई थी बाइक, ताकि पुलिस न पकड़ पाए सुराग

अपराध शाखा-2 के प्रभारी राकेश कुमार ने बताया कि इस मर्डर मिस्ट्री की कड़ियों को जोड़ने पर पता चला कि पहले से गिरफ्तार आरोपी इंद्रपाल सिंह और मुख्य शूटर, दोनों आर्यन के करीबी दोस्त थे। साजिश के तहत शूटर को एक ऐसी मोटरसाइकिल की जरूरत थी जिसका पुलिस रिकॉर्ड या खुद उनसे कोई सीधा कनैक्शन न निकल सके। इसी दोस्ती का फर्ज निभाते हुए आर्यन ने जिले के ही एक गांव से एक बाइक चुराई और उसे शूटर के हवाले कर दिया। 11 मई की सुबह इसी चोरी की बाइक पर सवार होकर शूटर बाल छप्पर गांव पहुंचा और वारदात को अंजाम देकर रफूचक्कर हो गया।

6 साल पुराना जमीनी विवाद और विदेश से जुड़ा मर्डर का कनैक्शन

पुलिस तफ्तीश में यह बात पूरी तरह साफ हो चुकी है कि यह हाई-प्रोफाइल मर्डर केस करीब 6 साल पुरानी खूनी रंजिश का अगला हिस्सा है। साल 2020 में बाल छप्पर गांव में जमीनी विवाद को लेकर पूर्व सरपंच रिछपाल सिंह की हत्या कर दी गई थी, जिसमें सतनाम सिंह के बेटे वीरेंद्र का नाम आया था। तभी से दोनों परिवारों के बीच दुश्मनी की आग सुलग रही थी। पुलिस के मुताबिक, रिछपाल सिंह के बेटे युवराज ने विदेश में बैठकर अपने पिता की मौत का बदला लेने की कसम खाई थी। उसने विदेश से ही पूरी प्लानिंग की, मोटी रकम का इंतजाम किया और अपने स्थानीय नेटवर्क के जरिए पेशेवर शूटर हायर किए।

मुख्य शूटर और मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी को पुलिस की दबिश तेज

इस हत्याकांड में आर्यन से पहले पुलिस मोहाली के रहने वाले अशोक कुमार और गांव सारण के इंद्रपाल सिंह को दबोच चुकी है। इन दोनों ने शूटरों को पनाह देने, हथियार मुहैया कराने और रेकी करने में मदद की थी। सीआईए-2 के प्रभारी राकेश कुमार ने बताया कि मामले की कड़ियां अब काफी हद तक सुलझ चुकी हैं। तीनों पकड़े गए आरोपियों से मिली लीड के आधार पर पुलिस की टीमें मुख्य शूटर और विदेश में बैठे साजिशकर्ताओं के करीबियों पर शिकंजा कस रही हैं। पुलिस का दावा है कि बहुत जल्द इस खूनी खेल का मुख्य किरदार भी सलाखों के पीछे होगा।

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