Shahabad News: शाहाबाद में मारकंडा नदी के रेलवे पुल पर भयानक हादसा, ट्रेन की चपेट में आने से युवक-युवती की मौत
शाहाबाद में मारकंडा नदी के रेलवे पुल पर भयानक हादसा, ट्रेन की चपेट में आने से युवक-युवती की मौत
Shahabad News: कुरुक्षेत्र के धार्मिक और ऐतिहासिक कस्बे शाहाबाद में रविवार की ढलती शाम एक खौफनाक वारदात की गवाह बन गई। शाहाबाद स्थित प्रसिद्ध मारकंडा मंदिर के ठीक समीप नदी के ऊपर से गुजर रहे रेलवे ओवरब्रिज पर ट्रेन की चपेट में आने से एक युवक और युवती की दर्दनाक मौत हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसा इतना भयावह था कि ट्रेन से टकराते ही दोनों के शरीर कई टुकड़ों में कट गए और उछलकर सीधे नीचे मारकंडा नदी के पानी और पत्थरों पर जा गिरे। नदी के आसपास मौजूद लोगों ने जब यह खौफनाक मंजर देखा, तो चीख-पुकार मच गई और देखते ही देखते मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई।
पहले नदी किनारे तीखी बहस, फिर ट्रैक पर जाकर एक्सप्रेस के आगे कूदे
घटनाक्रम की जानकारी देते हुए राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) के अधिकारियों ने बताया कि शुरुआती जांच में मामला प्रेम-प्रसंग या पारिवारिक विवाद के चलते खुदकुशी का प्रतीत हो रहा है। स्थानीय लोगों से मिली जानकारी के अनुसार, रविवार शाम करीब 4 बजे लगभग 30 वर्षीय युवक और 28 वर्षीया युवती को मारकंडा नदी के किनारे आपस में काफी देर तक बहस और झगड़ा करते देखा गया था।
आपसी कहासुनी के बाद दोनों गुस्से में आकर नदी पर बने रेलवे पुल के ऊपर चढ़ गए। बताया जा रहा है कि पुल पर भी उनके बीच काफी देर तक विवाद चलता रहा। इसी बीच सामने से आ रही नागपुर-अमृतसर एक्सप्रेस ट्रेन को देखकर दोनों अचानक पटरी के बीच कूद गए। लोको पायलट को संभलने का मौका तक नहीं मिला और पलक झपकते ही दोनों ट्रेन की चपेट में आ गए।
पहचान बनी चुनौती: जेब से नहीं मिला कोई दस्तावेज, श्रद्धालुओं से पूछताछ
सूचना मिलते ही जीआरपी की टीम तुरंत दल-बल के साथ मौके पर पहुंची और स्थानीय गोताखोरों व पुलिसकर्मियों की मदद से नदी में पड़े शवों के टुकड़ों को समेटकर कब्जे में लिया। पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से मुआयना किया, जहां से उन्हें एक सफेद-भूरे रंग की कमीज व नीली पैंट पहने युवक का क्षत-विक्षत शव और पास ही एक मोबाइल का कवर बरामद हुआ। हालांकि, दोनों की जेब या आसपास ऐसा कोई दस्तावेज, पर्स या पहचान पत्र नहीं मिला, जिससे उनकी शिनाख्त हो सके।
उल्लेखनीय है कि मारकंडा मंदिर में हर रविवार को श्रद्धालुओं का भारी मेला लगता है। घटना की खबर फैलते ही मंदिर में दर्शन करने आए कई श्रद्धालु भी मौके पर पहुंच गए। जीआरपी ने शवों की पहचान के लिए श्रद्धालुओं और आसपास के ग्रामीणों को तस्वीरें दिखाईं, लेकिन देर शाम तक उनकी पहचान नहीं हो सकी थी। जीआरपी अधिकारियों का कहना है कि आसपास के सभी थानों में गुमशुदगी की शिकायतों को खंगाला जा रहा है और शवों को कुरुक्षेत्र के एलएनजेपी अस्पताल के शवगृह (Mortuary) में पहचान के लिए रखवा दिया गया है।
