August 21, 2026

Haryana Patwari Strike: हरियाणा में 24 अगस्त से ठप हो सकते हैं जमीन के काम! पटवारी-कानूनगो ने दिया अनिश्चितकालीन हड़ताल का अल्टीमेटम

0
Haryana Patwari Strike: हरियाणा में 24 अगस्त से ठप हो सकते हैं जमीन के काम! पटवारी-कानूनगो ने दिया अनिश्चितकालीन हड़ताल का अल्टीमेटम

हरियाणा में 24 अगस्त से ठप हो सकते हैं जमीन के काम! पटवारी-कानूनगो ने दिया अनिश्चितकालीन हड़ताल का अल्टीमेटम

Haryana Patwari Strike: हरियाणा में राजस्व संबंधी सुविधाओं का पहिया एक बार फिर पूरी तरह थमने के मुहाने पर आ खड़ा हुआ है। ‘दी रेवेन्यू पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन’ के बैनर तले प्रदेशभर में पटवारी और कानूनगो सरकार के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं। भिवानी में दो दिनों से जारी सांकेतिक धरने के बीच कर्मचारियों ने सरकार को चेतावनी दी है कि अगर शुक्रवार को बातचीत के जरिए मसले का हल नहीं निकाला गया, तो 24 अगस्त से पूरे राज्य में अनिश्चितकालीन हड़ताल का आगाज कर दिया जाएगा।

‘चार महीने से परेशान हैं कर्मचारी और जनता’

एसोसिएशन के राज्य उपाध्यक्ष विकास राठी ने प्रशासनिक व्यवस्था पर कड़ा हमला बोलते हुए कहा कि सरकार द्वारा लागू किए गए नए इंतकाल पोर्टल में पिछले चार महीनों से गंभीर तकनीकी खामियां आ रही हैं। इसके चलते न केवल राजस्व विभाग के कर्मचारियों का सिरदर्द बढ़ा है, बल्कि अपनी जमीनों के इंतकाल और फर्द के लिए दफ्तरों के चक्कर काट रही आम जनता भी बुरी तरह पिस रही है। राठी ने मांग की कि आईटी टीम की सीधी जवाबदेही तय की जाए और संशोधित लैंड रिकॉर्ड जल्द से जल्द जारी किए जाएं।

डिजिटल सर्वे और तकनीकी संसाधनों पर उठे सवाल

कर्मचारी संघ ने गिरदावरी और पैमाइश के नए तरीकों पर भी सवाल उठाए हैं। राठी ने कहा कि अन्य पड़ोसी राज्यों की तर्ज पर ‘डिजिटल क्रॉप सर्वे’ का काम किसी निजी एजेंसी को सौंपा जाना चाहिए, क्योंकि पटवारियों पर पहले से ही काम का अतिरिक्त बोझ है। इसके अलावा, आधुनिक रोवर मशीन से जमीनों की पैमाइश कराने के लिए विभाग को कुशल ऑपरेटर उपलब्ध कराने चाहिए और कर्मचारियों को समुचित प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए ताकि धरातल पर काम में कोई रुकावट न आए।

सालों पुरानी फाइलें धूल फांक रहीं, भड़का कर्मचारियों का गुस्सा

एसोसिएशन का आरोप है कि गिरदावरी सहायकों के मानदेय का भुगतान, कर्मचारियों की बकाया एलटीसी (LTC) जारी करना और इंक्रीमेंट से जुड़ी फाइलों को मंजूर करने जैसी मांगें पिछले दो से तीन सालों से ठंडे बस्ते में पड़ी हैं। बार-बार गुहार लगाने के बावजूद जब सरकार के कानों पर जूं नहीं रेंगी, तो मजबूरन कर्मचारियों को धरने का रास्ता चुनना पड़ा।

कर्मचारी यूनियनों का मिला साथ, भिवानी में जमाया डेरा

भिवानी में पूर्व जिला प्रधान सुनील कौशिक की अध्यक्षता और सुमेर कानूनगो के संचालन में चल रहे इस धरने को अन्य कई विभागों का भी समर्थन मिल गया है। फायर ब्रिगेड, नगर परिषद, रोडवेज कर्मचारी यूनियनों के साथ-साथ युवा कल्याण संगठन के प्रधान कमल ने भी धरना स्थल पर पहुंचकर कर्मचारियों के सुर में सुर मिलाया। इस दौरान जिला स्तर के तमाम तहसील प्रधानों और कानूनगो-पटवारियों ने एकजुटता दिखाते हुए साफ कहा कि यदि सरकार ने समय रहते फैसला नहीं लिया, तो सोमवार (24 अगस्त) से तहसील और उप-तहसील स्तर पर कोई काम नहीं होगा।

यह भी पढ़ें– Sonipat News: ACB की रेड की भनक लगते ही एसआई ने छत से लगाई छलांग, दोनों पैर टूटे

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed