चंडीगढ़ में आतंकी साजिश: बीकेआई के 3 आरोपी 5 दिन के पुलिस रिमांड पर, 6 किलो जिलेटिन बरामद

बीकेआई के 3 आरोपी 5 दिन के पुलिस रिमांड पर
Chandigarh News: चंडीगढ़ में भीड़भाड़ वाले इलाके में आईईडी धमाका करने की कथित साजिश के मामले में गिरफ्तार प्रतिबंधित आतंकी संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) से जुड़े तीन आरोपियों को सोमवार को अदालत में पेश किया गया। अदालत ने तीनों को पांच दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया। चंडीगढ़ पुलिस के ऑपरेशन सेल ने रविवार देर रात तीनों को गिरफ्तार किया था। पुलिस के अनुसार, आरोपियों से पूछताछ में विदेश में बैठे हैंडलरों, विस्फोटक सामग्री के स्रोत और साजिश में शामिल अन्य लोगों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है। पुलिस पांच दिन के रिमांड के दौरान आरोपियों से यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि विस्फोटक कहां से लाए गए, इन्हें चंडीगढ़ तक कौन लेकर आया, किस स्थान को निशाना बनाया जाना था और विदेश में बैठे हैंडलरों के साथ आरोपियों का संपर्क कैसे हुआ। इसके अलावा नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों और हथियारों की सप्लाई से जुड़े लोगों के बारे में भी पूछताछ की जाएगी।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब छह किलो जिलेटिन स्टिक विस्फोटक, डेटोनेटर, पावर सोर्स और रिमोट से संचालित सिस्टम बरामद किया है। इसके अलावा एक पिस्तौल, मैगजीन और पांच जिंदा कारतूस भी मिले हैं। बरामदगी के बाद पुलिस ने मामले को गंभीर आतंकी साजिश से जोड़कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक, 22 अगस्त को गुप्त सूचना मिली थी कि तरनतारन के रहने वाले दो युवक विदेश से संचालित राष्ट्रविरोधी और आतंकी गतिविधियों से जुड़े लोगों के संपर्क में हैं। उनके पास बड़ी मात्रा में विस्फोटक होने की भी सूचना थी। दोनों के सेक्टर-42 और 43 के आसपास मौजूद होने और किसी भीड़भाड़ वाले स्थान पर आईईडी लगाने की तैयारी की जानकारी मिलने के बाद ऑपरेशन सेल ने निगरानी बढ़ा दी।
मानवीय खुफिया जानकारी और तकनीकी सहायता के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की पहचान और उनकी गतिविधियों पर नजर रखी। रविवार को कार्रवाई करते हुए तीनों को दबोच लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान लवप्रीत सिंह (19), निवासी गांव सरहाली, तरनतारन; जशनप्रीत सिंह उर्फ जशनदीप (21), निवासी गांव देवबाथ, तरनतारन; और प्रभप्रीत सिंह उर्फ प्रभ (19), निवासी गांव तरसिक्का, अमृतसर के रूप में हुई है।
पुलिस ने थाना सेक्टर-36 में विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, 1908 की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया है।पुलिस ने केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय कर जांच आगे बढ़ाई है। अधिकारियों के अनुसार, पूछताछ के आधार पर इस मॉड्यूल से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचने के लिए आगे कार्रवाई की जाएगी। कार्रवाई डीजीपी चंडीगढ़ सागरप्रीत हुड्डा के मार्गदर्शन और आईजी पुष्पेंद्र कुमार के निर्देशन में की गई। डीआईजी यूटी राजीव रंजन और एसपी ऑपरेशंस अनुराग दरू की निगरानी में ऑपरेशन सेल ने कार्रवाई की। डीएसपी ऑपरेशंस रणजोध सिंह और इंस्पेक्टर सतविंदर सिंह के नेतृत्व में टीम ने आरोपियों को गिरफ्तार किया।
विदेशी हैंडलरों के इशारे पर थी धमाके की साजिश
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि तीनों आरोपी बीकेआई के एक मॉड्यूल के जमीनी स्तर पर सक्रिय सदस्य के तौर पर काम कर रहे थे। पुलिस के अनुसार, वे विदेश में बैठे हैंडलरों के सीधे संपर्क में थे और उनके निर्देश पर अलग-अलग जिम्मेदारियां निभा रहे थे। आरोपियों का काम हैंडलरों से संपर्क बनाए रखने के साथ विस्फोटक सामग्री हासिल कर उसे तय स्थान तक पहुंचाना, हमले के लिए जरूरी सामान जुटाना, संभावित ठिकाने की पहचान करना और अंततः आईईडी हमले को अंजाम देना था। पुलिस अब रिमांड के दौरान मॉड्यूल के पूरे नेटवर्क और विदेश में बैठे हैंडलरों की भूमिका का पता लगाने में जुटी है।
लवप्रीत निकला मॉड्यूल की मुख्य कड़ी, बाकी दोनों को भी हैंडलरों से जोड़ा
जांच में पुलिस के अनुसार लवप्रीत सिंह इस मॉड्यूल की मुख्य कड़ी के रूप में सामने आया है। पेशे से पेंटर लवप्रीत सोशल मीडिया और अन्य संचार माध्यमों के जरिए विदेश में बैठे बीकेआई हैंडलर आशु और सत्ता के संपर्क में आया था। इसके बाद उसने अपने साथियों को भी हैंडलरों से जोड़ा। पुलिस का दावा है कि विस्फोटक सामग्री की आवाजाही और उसे संभालने में भी उसकी अहम भूमिका थी। उसके कब्जे से करीब छह किलो जिलेटिन स्टिक बरामद की गई है। पुलिस के मुताबिक, लवप्रीत के खिलाफ सरहाली थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत पहले से मामला दर्ज है और वह हैंडलरों के निर्देश पर अवैध सामग्री, हथियार और नशीले पदार्थ पहुंचाने का काम भी कर चुका है।
दसवीं पास और पेशे से पेंटर जशनप्रीत सिंह की मुलाकात भी लवप्रीत के जरिए बीकेआई हैंडलरों से हुई थी। पुलिस के अनुसार, इसके बाद वह लगातार हैंडलरों के संपर्क में रहा और उसे विस्फोटक सामग्री की आवाजाही व हैंडलिंग के साथ आतंकी गतिविधियों से जुड़ी जिम्मेदारियों के लिए निर्देश दिए जाते रहे। उसके कब्जे से डेटोनेटर, पावर सोर्स और रिमोट से संचालित सिस्टम बरामद किया गया। तीसरा आरोपी प्रभप्रीत सिंह अमृतसर में गैस एजेंसी में हेल्पर के रूप में काम करता था और 11वीं पास है। पुलिस जांच के मुताबिक वह बीकेआई हैंडलर गुरलाल के संपर्क में था। हमले की योजना से जुड़े निर्देशों के आधार पर वह अन्य आरोपियों को संचालन संबंधी सहयोग उपलब्ध करा रहा था। पुलिस ने उसके कब्जे से एक पिस्तौल, मैगजीन और पांच जिंदा कारतूस बरामद किए हैं।
