Bhiwani News: एसएसबी जवान सोनू कुमार का ड्यूटी पर हार्ट अटैक से निधन, गांव नांगल में सैन्य सम्मान से अंतिम संस्कार

एसएसबी जवान सोनू कुमार का ड्यूटी पर हार्ट अटैक से निधन, गांव नांगल में सैन्य सम्मान से अंतिम संस्कार
Bhiwani News: भिवानी जिले के गांव नांगल पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की 43वीं बटालियन में तैनात गांव के जांबाज जवान सोनू कुमार का ड्यूटी के दौरान दिल का दौरा पड़ने से असामयिक निधन हो गया। रविवार को जब तिरंगे में लिपटा सोनू का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव पहुंचा, तो हर किसी की आंखें नम हो गईं और पूरा इलाका ‘सोनू कुमार अमर रहे’ के नारों से गूंज उठा। इसके बाद गांव के श्मशान घाट में सैन्य और प्रशासनिक सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार संपन्न हुआ।
निधन की खबर मिलते ही गांव और आसपास के क्षेत्रों से सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण, प्रशासनिक अधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि लाडले जवान को अंतिम श्रद्धांजलि देने पहुंचे।
एसएसबी और प्रशासन ने दिया ‘गार्ड ऑफ ऑनर’
अंतिम संस्कार के मौके पर पहुंचे एसएसबी के सब-इंस्पेक्टर हमीर सिंह ने बताया कि कांस्टेबल सोनू कुमार बेहद निष्ठा और लगन के साथ अपनी सेवाएं दे रहे थे। ड्यूटी के दौरान ही अचानक उन्हें साइलेंट अटैक आया, जिससे उनका निधन हो गया। उन्होंने कहा कि एसएसबी का पूरा परिवार इस कठिन समय में पीड़ित परिजनों के साथ मुस्तैदी से खड़ा है और विभागीय नियमों के तहत मिलने वाली पेंशन व अन्य तमाम अनुग्रह सुविधाएं परिजनों को प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराई जाएंगी।
वहीं, जिला प्रशासन की ओर से पहुंचे भिवानी के तहसीलदार जयवीर सिंह ने जवान की पार्थिव देह पर पुष्पचक्र अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने बताया कि प्रशासन की ओर से जवान को ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ देकर पूरे सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई है। राज्य सरकार की नीति के अनुसार जो भी मदद राशि और सुविधाएं बनती हैं, उन्हें कागजी औपचारिकताएं पूरी कराकर जल्द से जल्द परिवार को सौंप दिया जाएगा।
परिवार का इकलौता सहारा थे सोनू, 5 साल के बेटे के सिर से उठा पिता का साया
सोनू कुमार के अचानक दुनिया से चले जाने से उनके घर का चिराग बुझ गया है। उनके मामा प्रीतम सिंह ने भारी मन से बताया कि सोनू साल 2012 में एसएसबी में भर्ती हुए थे और लगभग 14 वर्षों से पूरी ईमानदारी के साथ देश सेवा में जुटे थे।
वह अपने पूरे परिवार में अकेले कमाने वाले शख्स थे। उनके कुनबे में बुजुर्ग माता-पिता, तीन भाई और एक महज 5 साल का मासूम बेटा है। सोनू के जाने से परिवार के सामने रोजी-रोटी और बच्चों के भविष्य का बड़ा संकट खड़ा हो गया है। परिजनों और ग्रामीणों ने सरकार से पीड़ित परिवार को विशेष आर्थिक पैकेज और परिवार के सदस्य को नौकरी देने की गुहार लगाई है।
मुख्यमंत्री से मिलकर मदद दिलवाने का दिया आश्वासन
अंतिम यात्रा में शामिल हुए भिवानी के विधायक के बेटे अमन सर्राफ ने शोकाकुल परिवार से मिलकर अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने कहा कि देश की रक्षा और सेवा करते हुए सोनू कुमार ने अपनी जान गंवाई है, उनका यह बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। अमन सर्राफ ने परिजनों को भरोसा दिलाया कि वे स्वयं इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री से मुलाकात करेंगे और राज्य सरकार की ओर से मिलने वाली हरसंभव आर्थिक मदद और राहत सुविधाएं परिवार को दिलवाने का पूरा प्रयास करेंगे।
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