Ankit Baliyan: अंकित बालियान हत्याकांड, पीड़ित परिवार से मिले केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी, बोले- CM योगी से हुई है बात

अंकित बालियान हत्याकांड, पीड़ित परिवार से मिले केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी, बोले- CM योगी से हुई है बात
Ankit Baliyan: पश्चिमी उत्तर प्रदेश के शामली जिले में मशहूर हरियाणवी गायक और यूट्यूबर अंकित बालियान की दिनदहाड़े हुई नृशंस हत्या के बाद सियासत और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। सोमवार को केंद्रीय मंत्री व राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी पीड़ित परिवार का दर्द बांटने उनके पैतृक गांव बंती खेड़ा पहुंचे। परिजनों से मुलाकात के बाद जयंत चौधरी ने स्पष्ट किया कि इस जघन्य और सुनियोजित अपराध को शासन-प्रशासन ने बेहद गंभीरता से लिया है और कानून-व्यवस्था के मामले में कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
जिम के बाहर गोलियों से भूना था, मुठभेड़ में दो इनामी बदमाश ढेर
गौरतलब है कि बीते 26 अगस्त की शाम शामली के कोतवाली क्षेत्र में एक जिम से बाहर निकलते वक्त दो बाइक पर सवार चार बदमाशों ने अंकित बालियान पर अंधाधुंध गोलियां बरसा दी थीं। अस्पताल ले जाते समय अंकित की मौत हो गई थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस लगातार दबिश दे रही थी। सोमवार को ही पुलिस को बड़ी सफलता मिली, जब हत्या में शामिल और 50-50 हजार रुपये के इनामी दो शार्पशूटर—मोहित और सुमित—पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में मारे गए।
‘सीएम योगी से की बात, कानून व्यवस्था पर रखें भरोसा’
शोक संतप्त परिवार से मिलने पहुंचे जयंत चौधरी ने अंकित के पिता, जो भारतीय सेना से सेवानिवृत्त हैं, का हाथ थामकर उन्हें ढांढस बंधाया। पत्रकारों से बात करते हुए रालोद प्रमुख ने बताया कि उन्होंने रविवार को लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ बैठक के दौरान अंकित बालियान हत्याकांड का मुद्दा प्रमुखता से उठाया था।
जयंत ने कहा, “अंकित एक होनहार कलाकार थे। जिस तरह से इस साजिश को अंजाम दिया गया, वह दिल नहलाने वाला है। मैंने अंकित के पूर्व सैनिक पिता से कहा है कि उन्हें इस कठिन घड़ी में हिम्मत और धैर्य बनाए रखना होगा। पुलिस प्रशासन अपनी कार्रवाई कर रहा है और परिणाम सामने आ रहे हैं।”
अखिलेश की सियासत और ‘जाट कार्ड’ पर करारा जवाब
इस हत्याकांड को लेकर समाजवादी पार्टी और रालोद के बीच जुबानी जंग भी छिड़ गई है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने पूर्व में जयंत चौधरी का नाम लिए बिना निशाना साधा था और घटना को ‘जाट समुदाय पर हमला’ करार दिया था।
अखिलेश के बयानों और सपा सांसद अवधेश प्रसाद द्वारा मुठभेड़ पर उठाए गए सवालों पर जवाब देते हुए जयंत ने कहा, “ऐसी दुखद घटना के समय हर किसी को राजनीति से ऊपर उठकर पीड़ित परिवार के प्रति सहानुभूति दिखानी चाहिए। यह किसी समुदाय विशेष का नहीं, बल्कि एक होनहार बेटे की असमय मौत का मामला है। पुलिस कार्रवाई पर अविश्वास जताने या राजनीतिक लाहा उठाने के बजाय व्यवस्था पर भरोसा कायम रखना जरूरी है।”
मुठभेड़ के सवाल पर उन्होंने कहा कि जवाबी कार्रवाई की तकनीकी परिस्थितियां पुलिस ही स्पष्ट कर सकती है, यह कोई पूर्व नियोजित राजनीतिक नीति नहीं होती।
इलाके में खौफ का माहौल, सुरक्षा का भरोसा
शामली लोकसभा क्षेत्र से सपा सांसद इकरा हसन ने भी हाल ही में पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उनकी बात फोन पर अखिलेश यादव से कराई थी। इस बीच जयंत चौधरी के दौरे ने साफ कर दिया है कि सत्ता पक्ष भी इस मुद्दे पर बैकफुट पर रहने के मूड में नहीं है।
जयंत ने माना कि इस घटना से समूचे क्षेत्र में दहशत का माहौल बना है, लेकिन उन्होंने लोगों को आश्वस्त किया कि उत्तर प्रदेश में अपराध के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति लागू है और हर एक दोषी को उसके अंजाम तक पहुंचाया जाएगा।
