Sugarcane Farming : पतझड़ में गन्ने की बुआई देगी बंपर पैदावार: डॉ. अमरीक सिंह

पतझड़ में गन्ने की बुआई देगी बंपर पैदावार: डॉ. अमरीक सिंह
Sugarcane Farming : पंजाब में गन्ना किसानों की आमदनी बढ़ाने और चीनी मिलों की रिकवरी सुधारने के लिए कृषि विभाग ने जमीनी स्तर पर प्रयास तेज कर दिए हैं। पंजाब के केन कमिश्नर डॉ. अमरीक सिंह ने अजनाला कोऑपरेटिव शुगर मिल के अंतर्गत आने वाले सीमावर्ती गांवों—चौरा, छोर, दोस्तपुर और शाहूर—का दौरा किया। गांव शाहूर में प्रगतिशील किसानों के खेतों में गन्ने की फसल का निरीक्षण करते हुए उन्होंने किसानों से सीधी बातचीत की और गन्ने की उन्नत खेती के गुर साझा किए।
दौरे के दौरान डॉ. अमरीक सिंह ने स्पष्ट किया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में किसान पारंपरिक तौर पर बसंत के मौसम में गन्ने की बुआई करते हैं, जिससे न केवल प्रति एकड़ पैदावार कम मिलती है, बल्कि चीनी की रिकवरी भी प्रभावित होती है। उन्होंने सलाह दी कि बसंत के मुकाबले पतझड़ (सितंबर-अक्टूबर यानी देशी अस्सू महीने) में गन्ने की बुआई करना कहीं ज्यादा फायदेमंद है। इस समय बुआई करने से फसल को पूरी तरह तैयार होने के लिए पर्याप्त समय मिलता है, जिससे वजन और मिठास दोनों में इजाफा होता है।
वाइड डीप हॉलो तकनीक अपनाएं, मजदूर संकट से पाएं निजात
केन कमिश्नर ने बताया कि पंजाब में कृषि मजदूरों की बढ़ती किल्लत से निपटने के लिए किसानों को वाइड डीप हॉलो (चौड़ी और गहरी दूरी) तकनीक अपनानी चाहिए। 4 से 5 फीट की दूरी पर गन्ने की बुआई करने से फसलों के बीच में ट्रैक्टर व आधुनिक मशीनरी आसानी से चलाई जा सकती है।
इससे खेती की लागत कम होती है, पानी की बचत होती है और मजदूरों पर निर्भरता काफी हद तक घट जाती है। इसके अलावा, पंक्तियों के बीच बची जगह में किसान अन्य फसलें (इंटरक्रॉपिंग) उगाकर अतिरिक्त मुनाफा भी कमा सकते हैं।
डॉ. अमरीक सिंह ने यह भी जानकारी दी कि पंजाब सरकार की पहल पर राज्य की सहकारी चीनी मिलों ने गन्ना किसानों का 100 प्रतिशत बकाया भुगतान कर दिया है। यदि किसी किसान की सब्सिडी या भुगतान लंबित है, तो वह तुरंत संबंधित मिल अधिकारियों से संपर्क करे।
उन्होंने बताया कि राज्य की 15 चीनी मिलों की जरूरतें पूरी करने के लिए इस बार 1,16,000 हेक्टेयर में गन्ने की फसल लगाई गई है, जो बीते साल के मुकाबले 3,700 हेक्टेयर अधिक है।
अनावश्यक कीटनाशकों से बचें, किसानों ने मांगी मशीनरी पर सब्सिडी
फसल की स्थिति पर संतोष व्यक्त करते हुए केन कमिश्नर ने कहा कि फिलहाल मौसम अनुकूल रहने के कारण गन्ने पर किसी भी तरह के कीड़े या बीमारी का असर नहीं देखा गया है। ऐसे में किसान बिना वजह कीटनाशक स्प्रे या अत्यधिक यूरिया का इस्तेमाल करके अपनी लागत न बढ़ाएं।
इस मौके पर उपस्थित किसानों ने पंजाब सरकार के सामने अपनी मांग रखते हुए कहा कि आधुनिक तकनीक से खेती करने के लिए विशेष मशीनरी की जरूरत होती है। इसलिए सरकार को चाहिए कि गन्ने की खेती में इस्तेमाल होने वाले आधुनिक कृषि यंत्रों पर विशेष सब्सिडी उपलब्ध कराई जाए ताकि छोटे किसान भी तकनीक का लाभ उठा सकें।
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