Panchkula Weather Alert: उफान पर घग्गर नदी, पंचकूला में अगले 4 दिन भारी बारिश की चेतावनी; प्रशासन अलर्ट पर

उफान पर घग्गर नदी, पंचकूला में अगले 4 दिन भारी बारिश की चेतावनी; प्रशासन अलर्ट पर
Panchkula Weather Alert: हिमाचल प्रदेश के निचले हिस्सों और पंचकूला में बीते दो दिनों से हो रही झमाझम बारिश ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। लगातार हो रही बारिश का सीधा असर मैदानी इलाकों की नदियों पर दिखने लगा है, जहां पंचकूला से होकर गुजरने वाली घग्गर नदी इस समय पूरे उफान पर है। पहाड़ों से आ रहे पानी के तेज बहाव के कारण घग्गर ने रौद्र रूप धारण कर लिया है। नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए स्थानीय जिला प्रशासन हर हरकत पर पैनी नजर बनाए हुए है।
मौसम विभाग द्वारा पंचकूला और आसपास के इलाकों में अगले तीन से चार दिनों के लिए भारी बारिश का पूर्वाभानुमान जताया गया है। इसे देखते हुए प्रशासनिक अमले ने तत्काल प्रभाव से अलर्ट जारी करते हुए आम जनता से घग्गर नदी समेत जिले के तमाम बरसाती नालों और खड्डों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की है।
पहाड़ों में बारिश से अचानक बढ़ सकता है जलस्तर, सेल्फी-नहाने पर रोक
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, ऊपरी पहाड़ी इलाकों में जब भी मूसलाधार बारिश होती है, तो घग्गर नदी और स्थानीय बरसाती नालों में मिनटों के भीतर अचानक जल सैलाब आ जाता है। ऐसे में नदी के आसपास रहने वाले लोगों या वहां घूमने जाने वालों को संभलने का मौका तक नहीं मिलता। इसी जोखिम को देखते हुए प्रशासन ने लोगों को साफ हिदायत दी है कि वे नदी के बहाव क्षेत्र में उतरने, नहाने या किनारों पर जाकर खड़े होने की गलती बिल्कुल न करें।
अक्सर देखा जाता है कि उफनती नदी को देखने या उसके किनारे खड़े होकर मोबाइल से सेल्फी लेने के चक्कर में लोग अपनी जान जोखिम में डाल देते हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि ऐसे संवेदनशील समय में जरा सी लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।
पिछले हादसों से सबक: बच्चों पर नजर रखने और सावधानी बरतने की अपील
गौरतलब है कि यह पहला मौका नहीं है जब घग्गर नदी में आए अचानक उफान ने तबाही की आहट दी हो। इससे पहले भी मानसूनी बारिश के दौरान नदी में अचानक पानी का बहाव तेज होने के कारण कई लोग, गाड़ियां और पशु पानी के बीचों-बीच फंस चुके हैं, जिन्हें कड़े रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद सुरक्षित बाहर निकाला जा सका था। कुछेक मामलों में लोग हादसों के शिकार भी हो चुके हैं।
उन्हीं कड़वे अनुभवों से सबक लेते हुए प्रशासन ने अभिभावकों से विशेष रूप से आग्रह किया है कि वे अपने बच्चों पर कड़ी नजर रखें और उन्हें किसी भी स्थिति में बरसाती नदियों, खड्डों या उफनते नालों के आसपास न भटकने दें। निचले और तटीय इलाकों में मुनादी कराई जा रही है ताकि किसी भी अनहोनी से समय रहते बचा जा सके।
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