September 8, 2026

Mahendragarh News: फेसबुक पर सोलर स्ट्रक्चर का विज्ञापन देख झांसे में आया कारोबारी, 1.50 लाख की ठगी

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Mahendragarh News: फेसबुक पर सोलर स्ट्रक्चर का विज्ञापन देख झांसे में आया कारोबारी, 1.50 लाख की ठगी

फेसबुक पर सोलर स्ट्रक्चर का विज्ञापन देख झांसे में आया कारोबारी

Mahendragarh News: डिजिटल दौर में सोशल मीडिया पर लुभावने विज्ञापन देखकर खरीदारी करना नारनौल के एक स्थानीय कारोबारी को भारी पड़ गया। महेंद्रगढ़ जिले के गांव गहली निवासी और ‘एम.डी. सोलर’ नाम से कारोबार करने वाले विकास से साइबर अपराधियों ने 1.50 लाख रुपये ऐंठ लिए। ठगों ने खुद को सोलर स्ट्रक्चर का सप्लायर बताकर फर्जी इनवॉइस थमाया और एडवांस रकम हड़प ली। पीड़ित की तत्परता से मामला साइबर हेल्पलाइन तक पहुँचा, जिसके बाद पंचकूला से ज़ीरो एफआईआर दर्ज कर मामला नारनौल साइबर पुलिस को सौंपा गया है।

टैक्स इनवॉइस भेजकर झांसे में लिया, पैसे मिलते ही बदले सुर

पीड़ित विकास पुत्र सतबीर ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 3 सितंबर 2026 को उसने फेसबुक पर सोलर स्ट्रक्चर का एक आकर्षक विज्ञापन देखा था। कारोबार के सिलसिले में उसने विज्ञापन में दिए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क किया। दूसरी तरफ मौजूद व्यक्ति ने व्यावसायिक अंदाज़ में बात करते हुए ऑर्डर पक्का किया और 1,76,850 रुपये का एक फर्जी टैक्स इनवॉइस वॉट्सऐप पर भेज दिया।

सामान की डिलीवरी से पहले आरोपी ने 1,50,000 रुपये एडवांस जमा कराने को कहा। विकास ने उस पर भरोसा करते हुए बताए गए इंडसइंड बैंक के खाते में 1.50 लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए। रकम मिलते ही आरोपी ने फर्जी बिल तो भेज दिया, लेकिन जब विकास ने ट्रक का नंबर और ट्रांसपोर्ट की बिल्टी माँगी, तो वह बहानेबाज़ी करने लगा।

1930 पर शिकायत दर्ज, पंचकूला से नारनौल ट्रांसफर हुई ज़ीरो FIR

बार-बार टालमटोल और असंतोषजनक जवाब मिलने पर कारोबारी को ठगी का अहसास हुआ। उसने बिना समय गँवाए तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क कर अपनी एनसीआरपी (NCRP) शिकायत दर्ज कराई। शिकायत की प्राथमिक जाँच के बाद साइबर क्राइम थाना पंचकूला में 4 सितंबर 2026 को ई-जीरो एफआईआर (नंबर 601) दर्ज की गई, जिसे बाद में आगामी कार्रवाई के लिए साइबर थाना नारनौल को स्थानांतरित कर दिया गया।

BNS की धारा 318(4) के तहत मामला दर्ज, खातों की खंगाल में जुटी पुलिस

नारनौल साइबर थाने में पीड़ित द्वारा लिखित आवेदन और बैंक स्टेटमेंट सौंपे जाने के बाद पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) के तहत धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है। साइबर थाना पुलिस का कहना है कि जिस इंडसइंड बैंक खाते में पैसे ट्रांसफर हुए हैं और जिन मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल हुआ है, उनका कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और लोकेशन डेटा खंगाला जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि आरोपियों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जाएगा और ठगी गई राशि को होल्ड करवाकर रिकवर करने के प्रयास जारी हैं।

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