Jagtar Singh Hawara को 28 दिन की Parole दी जाए, किसान और सिख नेताओं ने उठाई आवाज

Jagtar Singh Hawara को 28 दिन की Parole दी जाए, किसान और सिख नेताओं ने उठाई आवाज
Jagtar Singh Hawara Parole : तिहाड़ जेल में लंबे समय से बंद भाई Jagtar Singh Hawara को अपनी अस्वस्थ और बुजुर्ग मां से मिलने के लिए तुरंत पैरोल दिए जाने की आवाज पंजाब में एक बार फिर मुखर हो गई है।
प्रसिद्ध किसान नेता सुख गिल मोगा और वरिष्ठ सिख नेता भाई जसकरण सिंह काहन सिंह वाला ने संयुक्त रूप से सरकार से मांग की है कि भाई हवारा को कम से कम 28 दिन की पैरोल दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि एक मां और बेटे के इस भावनात्मक मिलन को पूरी तरह इंसानी संवेदना और पारिवारिक अधिकारों के चश्मे से देखा जाना चाहिए।
‘मानवाधिकार सभी के लिए बराबर, राजनीतिक नजरिया छोड़ दिखाए सरकार दया’
नेताओं ने कहा कि वर्षों से जेल की सलाखों के पीछे बंद कैदियों को अपने बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल और उनसे मुलाकात का हक कानून और संविधान दोनों देता है। उन्होंने कहा कि एक बुजुर्ग मां अपने जीवन के अंतिम पड़ाव पर अपने बेटे Jagtar Singh Hawara का चेहरा देखने को तरस रही है, जिसे प्रशासनिक या राजनीतिक वजहों से खारिज करना मानवाधिकारों का उल्लंघन है। केंद्र और पंजाब सरकार को राजनीतिक चश्मे को किनारे रखकर विशुद्ध रूप से मानवीय आधार पर पैरोल की प्रक्रिया तुरंत पूरी करनी चाहिए।
बंदी सिंहों की रिहाई के लिए बने पारदर्शी नीति
सिख नेताओं ने लंबे समय से सजा काट रहे अन्य सिख बंदियों (बंदी सिंहों) की रिहाई का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि जिन कैदियों ने अपनी निर्धारित सजाएं पूरी कर ली हैं, उन्हें अनिश्चितकाल के लिए जेलों में रखना सरासर अन्याय है। उन्होंने मांग की कि केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर ऐसे सभी मामलों का निष्पक्ष रिव्यू (समीक्षा) करें। इसके साथ ही एक ऐसी पारदर्शी नीति बनाई जाए, जिससे सजा पूरी कर चुके बंदियों की रिहाई और जरूरत पड़ने पर परिवार से मिलने के लिए पैरोल जैसी कानूनी सुविधाएं आसानी से मिल सकें।

1 thought on “Jagtar Singh Hawara को 28 दिन की Parole दी जाए, किसान और सिख नेताओं ने उठाई आवाज”