Rajound News: कैथल के खेड़ी सिंबल में 1 महीने से सूखा पड़ा नल, बूंद-बूंद पानी को तरस रहे सैकड़ों ग्रामीण

कैथल के खेड़ी सिंबल में 1 महीने से सूखा पड़ा नल
Rajound News: राजौंद (नरेश पुहाल) कैथल जिले के राजौंद खंड में आने वाले गांव खेड़ी सिंबल वाली के ग्रामीण पिछले एक महीने से पीने के पानी के गंभीर संकट से जूझ रहे हैं। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) की ढीली कार्यशैली के चलते गांव की एससी बस्ती में स्थित बोरवेल पूरी तरह खराब पड़ा है। नतीजा यह है कि प्रचंड गर्मी और उमस के बीच आधे से ज्यादा गांव में पेयजल आपूर्ति ठप हो चुकी है और ग्रामीण दूर-दराज से सिर पर मटके व बाल्टियां उठाकर पानी लाने को मजबूर हैं।
2017 में लगा था बोरवेल, अब बना सफेद हाथी
गांव के सरपंच रामेश्वर ने बताया कि जनस्वास्थ्य विभाग द्वारा वर्ष 2017 में गांव में दो बोरवेल लगाए गए थे, ताकि हर घर तक पीने का पानी पहुंच सके। लेकिन पिछले एक महीने से एससी बस्ती वाला बोरवेल पूरी तरह से ठप हो गया है।
गांव में फिलहाल महज एक बोरवेल चालू है, जिसकी क्षमता पूरे गांव की प्यास बुझाने के लिए बेहद कम साबित हो रही है। ग्रामीण रोज जलघर (वॉटर वर्क्स) से बर्तनों और घड़ों में पानी ढोकर काम चला रहे हैं, जो उनकी दैनिक जरूरतों के सामने नगण्य साबित हो रहा है।
कागजी टेंडर में उलझा समाधान, फोन उठाने से बच रहे अधिकारी
सरपंच रामेश्वर के मुताबिक, जब भी इस समस्या को लेकर विभाग के चक्कर काटे जाते हैं, तो अधिकारी हर बार नया बोरवेल लगवाने के लिए टेंडर प्रक्रिया चलने की बात कहकर पल्ला झाड़ लेते हैं। हफ्तों बीत जाने के बाद भी यह फाइल कागजों से बाहर नहीं निकल पाई है। हालांकि, हालिया बातचीत में अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि नए बोरवेल का एस्टीमेट बनाकर टेंडर लगवाया जाएगा, लेकिन धरातल पर काम शुरू न होने से ग्रामीणों का सब्र टूट रहा है।
वहीं, जब इस जनसमस्या पर जनस्वास्थ्य विभाग के जेई अमित और एसडीओ कर्मवीर सिंह का पक्ष जानने के लिए उनसे फोन पर संपर्क साधने की कोशिश की गई, तो उन्होंने कॉल रिसीव करना भी मुनासिब नहीं समझा। अधिकारियों के इस गैर-जिम्मेदाराना रवैये के कारण पूरी समस्या फिलहाल राम भरोसे बनी हुई है।
ग्रामीणों में पनपा भारी रोष, जल्द समाधान न होने पर चेतावनी
पेयजल संकट से परेशान ग्रामीण मनोज, रामफल, ईश्वर, शमशेर ग्रोवर, दलवीर ग्रोवर, जगदीश और ओमपति समेत कई ग्रामीणों ने विभाग के खिलाफ अपना तीखा आक्रोश जताया है। ग्रामीणों का कहना है कि बुनियादी जरूरत के लिए भी उन्हें रोज संघर्ष करना पड़ रहा है। पीड़ित ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि विभाग ने जल्द से जल्द नया बोरवेल लगाकर पानी की आपूर्ति बहाल नहीं की, तो वे विभाग के खिलाफ मोर्चा खोलने को मजबूर होंगे।
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