Narnaul: मेले हमारी प्राचीन संस्कृति और प्रेम-भाईचारे की पहचान-ओमप्रकाश यादव

Narnaul: नारनौल के विधायक एवं पूर्व मंत्री ओमप्रकाश यादव ने दादू वाली मेले में कुश्ती दंगल का शुभारंभ करते हुए कहा कि मेले हमारी प्राचीन संस्कृति और परंपराओं की पहचान हैं। मेलों के माध्यम से आपसी प्रेम, भाईचारा और सामाजिक सौहार्द बढ़ता है।
विधायक ने कहा कि प्राचीन काल से ही मेलों और दंगलों की परंपरा हमारे देश की संस्कृति का अभिन्न हिस्सा रही है। समय के साथ परिस्थितियां बदली हैं, लेकिन मेलों की संस्कृति आज भी विशेषकर हरियाणा में पूरी तरह प्रचलित है। ऐसे आयोजनों में विभिन्न क्षेत्रों से आए खिलाड़ी अपनी प्रतिभा और खेल कौशल का प्रदर्शन करते हैं। उन्होंने कहा कि हमारी मिट्टी की कुश्ती और पारंपरिक खेल समृद्ध संस्कृति के साथ-साथ युवा शक्ति की पहचान हैं। युवाओं को खेलों में बढ़-चढ़कर भाग लेना चाहिए, जिससे उनमें अनुशासन, आत्मविश्वास और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित हो।
इस अवसर पर विधायक ने परम पूज्य महात्मा रामकरण दास महाराज जी का आशीर्वाद प्राप्त किया तथा दंगल में सहभागिता कर पहलवानों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कुश्ती दंगल में विजेता खिलाड़ियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया और सभी पहलवानों को उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर नगर परिषद चेयरमैन श्रीमती कमलेश सैनी, जे.पी. सैनी, सुरेशपाल, कमेटी प्रधान पतराम हलवाई सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति एवं क्षेत्र के सम्मानित लोग उपस्थित रहे।
