September 16, 2026

Kaithal News: कैथल में पराली जलाने पर 30 नवंबर तक पूर्ण प्रतिबंध, डीसी अपराजिता ने जारी किए सख्त आदेश

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Kaithal News: कैथल में पराली जलाने पर 30 नवंबर तक पूर्ण प्रतिबंध, डीसी अपराजिता ने जारी किए सख्त आदेश

कैथल में पराली जलाने पर 30 नवंबर तक पूर्ण प्रतिबंध, डीसी अपराजिता ने जारी किए सख्त आदेश

Kaithal News: हरियाणा के प्रमुख धान उत्पादक जिलों में शुमार कैथल में आगामी कटाई सीजन को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। खरीफ फसलों, विशेषकर धान की कटाई के बाद खेतों में अवशेष यानी पराली जलाने की परिपाटी पर नकेल कसने के लिए उपायुक्त अपराजिता ने जिले भर में सख्त आदेश जारी किए हैं।

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 163 के तहत शक्तियों का प्रयोग करते हुए डीसी ने फसल अवशेष जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। प्रशासन का यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होकर आगामी 30 नवंबर 2026 तक पूरे जिले की सीमा में सख्ती से प्रभावी रहेगा।

वायु प्रदूषण से लेकर सड़क हादसों तक का खतरा, प्रशासन ने गिनाए नुकसान

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि खेतों में पराली जलाने का खामियाजा केवल पर्यावरण ही नहीं, बल्कि खुद किसानों और आम जनता को भुगतना पड़ता है। आग की वजह से जमीन के मित्र कीट नष्ट हो जाते हैं और मिट्टी की उपजाऊ क्षमता पर बेहद बुरा असर पड़ता है। इसके अलावा, पराली के जहरीले धुएं से हवा की गुणवत्ता का स्तर (AQI) खतरनाक श्रेणी में पहुंच जाता है, जिससे सांस और फेफड़ों के मरीजों के लिए गंभीर संकट खड़ा हो जाता है।

आदेश में इस बात पर विशेष चिंता जताई गई है कि हाईवे और प्रमुख सड़क मार्गों के आसपास धुएं का गुबार छाने से दृश्यता (विजिबिलिटी) लगभग शून्य हो जाती है, जिससे भीषण सड़क हादसों की आशंका बनी रहती है। साथ ही, तेज हवाओं के बीच खेतों में लगाई गई आग आसपास की ढाणियों और खड़ी फसलों तक फैल सकती है, जिससे जान-माल के साथ-साथ पशु-पक्षियों और चारे का बड़ा नुकसान होता है।

पराली न जलाएं, पाएं 1200 रुपये प्रति एकड़: सरकार दे रही आर्थिक मदद

कृषि क्षेत्र में पर्यावरण-अनुकूल तकनीकों को बढ़ावा देने के लिए प्रशासन ने किसानों से अवशेष जलाने के बजाय उनका उचित प्रबंधन करने की अपील की है। डीसी अपराजिता ने बताया कि सरकार द्वारा फसल अवशेषों के इन-सीटू (खेत के अंदर ही सड़ना या मिलाना) और एक्स-सीटू (खेत से बाहर गांठे बनाकर प्रबंधन) करने वाले किसानों को 1,200 रुपये प्रति एकड़ की दर से प्रोत्साहन राशि दी जा रही है।

किसानों को सलाह दी गई है कि वे सुपर सीडर, हैपी सीडर, बेलर जैसी आधुनिक कृषि मशीनरियों की मदद से अवशेषों का निपटान करें और सरकार की इस अनुदान योजना का लाभ उठाएं।

आदेश नहीं माना तो दर्ज होगी FIR, 30 नवंबर तक पैनी नजर

कैथल प्रशासन ने यह साफ कर दिया है कि पाबंदी का उल्लंघन करने वालों से कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी। यदि कोई किसान या व्यक्ति आदेश की अवहेलना करते हुए पराली में आग लगाता पाया गया, तो उसके खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 223 के तहत सख्त कानूनी और दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

धान कटाई के इस पूरे सीजन में सैटेलाइट मॉनिटरिंग के साथ-साथ जमीनी स्तर पर फ्लाइंग स्क्वाड और पटवारियों की टीमें तैनात रहेंगी, ताकि पराली जलाने की घटनाओं को शून्य के स्तर पर लाया जा सके।

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