Bhiwani News: भिवानी के लोहारू में किसानों का हल्ला बोल, बाजरा की सरकारी खरीद और भावांतर बकाया को लेकर सीएम को ज्ञापन

भिवानी के लोहारू में किसानों का हल्ला बोल, बाजरा की सरकारी खरीद और भावांतर बकाया को लेकर सीएम को ज्ञापन
Bhiwani News: हरियाणा के भिवानी जिले की लोहारू अनाज मंडी में सोमवार को बाजरा उत्पादक किसानों और भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) का गुस्सा फूट पड़ा। बाजरा की तुरंत सरकारी खरीद शुरू करवाने और पिछले सीजन की बकाया ‘बाजरा भावांतर भरपाई योजना’ की राशि जारी करने की मांग को लेकर मंडी परिसर में किसानों की एक विशाल पंचायत आयोजित की गई। भाकियू के ब्लॉक प्रधान रविंद्र कस्वा की अध्यक्षता में हुई इस पंचायत में दर्जनों गांवों से आए किसानों ने हिस्सा लिया और अपनी समस्याओं को खुलकर सामने रखा।
पंचायत में गंभीर विचार-विमर्श के बाद उग्र किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल मार्केट कमेटी कार्यालय पहुंचा। वहां किसानों ने लोहारू मार्केट कमेटी के सचिव/अध्यक्ष संजय नेहरा को हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नाम एक विस्तृत मांग पत्र (ज्ञापन) सौंपा। किसानों ने दोटूक कहा कि अगर सरकार ने समय रहते उनकी जायज मांगों का हल नहीं निकाला तो वे चुप नहीं बैठेंगे।
‘भावांतर का पैसा अटका, खाद के लिए भटक रहे किसान’: भाकियू नेताओं का सरकार पर हमला
पंचायत को संबोधित करते हुए भाकियू के जिला प्रधान मेवा सिंह आर्य ने कहा कि खेतों में बाजरा की फसल पककर तैयार है और मंडियों में आवक शुरू होने वाली है, लेकिन सरकार खरीद का कोई स्पष्ट रोडमैप तैयार नहीं कर पाई है। उन्होंने मांग की कि सरकार बिना देरी किए बाजरा की न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर सरकारी खरीद शुरू करे।
मेवा सिंह ने यह भी उजागर किया कि पिछले साल की भावांतर योजना का पैसा अब तक सैकड़ों किसानों के खातों में नहीं पहुंचा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि बकाया राशि का भुगतान और खरीद प्रक्रिया तुरंत शुरू न हुई, तो यूनियन सड़क पर उतरकर बड़ा आंदोलन छेड़ने को मजबूर होगी।
वहीं भाकियू के जिला उपाध्यक्ष कैप्टन इंद्राज ने राज्य में जारी खाद संकट पर सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि आगामी बिजाई के मौसम से ठीक पहले किसान डीएपी और यूरिया खाद के लिए दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं, जबकि शासन-प्रशासन आंखें मूंदे बैठा है। कैप्टन इंद्राज ने साफ किया कि अन्नदाता के साथ इस तरह का सौतेला व्यवहार अब बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सूखे से बर्बाद फसलों की स्पेशल गिरदावरी की मांग: ₹50 हजार प्रति एकड़ मुआवजे पर अड़े किसान
पंचायत के दौरान क्षेत्र में मौसम की मार झेल रही खरीफ फसलों की दुर्दशा पर भी गहरी चिंता जताई गई। किसान नेता राजेंद्र शेखावत, आजाद सिंह भुंगला और ब्लॉक प्रधान रविंद्र कस्वा ने बताया कि लोहारू और आसपास के इलाकों में भीषण सूखे तथा अत्यधिक उमस के कारण बाजरा, कपास, मूंग और ग्वार की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है।
किसान नेताओं ने मांग रखी कि सरकार तुरंत प्रभाव से राजस्व अधिकारियों की ड्यूटी लगाकर प्रभावित इलाकों की ‘स्पेशल गिरदावरी’ (विशेष फसल मुआयना) के आदेश दे। इसके साथ ही पीड़ित किसानों को 50 हजार रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से मुआवजा वितरित किया जाए। इसके अलावा किसान प्रतिनिधियों ने साल 2023 के लंबित पड़े कपास फसल बीमा क्लेम (Crop Insurance Claim) की राशि को भी बिना किसी और देरी के किसानों के खातों में डीबीटी करने की जोरदार वकालत की।
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