August 2, 2026

Farmer Poison Case: कुरुक्षेत्र में बिजली दफ्तर के बाहर किसान ने खाया जहर, ट्यूबवेल कनेक्शन के लिए काट रहा था चक्कर

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Farmer Poison Case: कुरुक्षेत्र में बिजली दफ्तर के बाहर किसान ने खाया जहर, ट्यूबवेल कनेक्शन के लिए काट रहा था चक्कर

Farmer Poison Case: कुरुक्षेत्र में बिजली दफ्तर के बाहर किसान ने खाया जहर, ट्यूबवेल कनेक्शन के लिए काट रहा था चक्कर

Farmer Poison Case: कुरुक्षेत्र। हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले के पिहोवा में सरकारी तंत्र के चक्कर काट-काट कर थक चुके एक अन्नदाता ने मौत को गले लगाने की कोशिश की। रामगढ़ रोड निवासी 42 वर्षीय किसान जितेंद्र पिछले कई सालों से अपने खेतों के लिए ट्यूबवेल कनेक्शन के चक्कर काट रहा था। सोमवार को मानसिक रूप से परेशान होकर उसने बिजली विभाग के कार्यालय के ठीक बाहर कोई जहरीला पदार्थ (खरपतवार नाशक) निगल लिया। किसान को तड़पता देख मौके पर हड़कंप मच गया और आनन-फानन में परिजनों ने उसे पिहोवा के सरस्वती मिशन अस्पताल में दाखिल कराया। अस्पताल के सीनियर डॉक्टर अमित अरोड़ा ने बताया कि मरीज के शरीर में जहर फैल चुका था, लेकिन क्रिटिकल केयर टीम ने समय रहते पेट साफ कर जहर को बाहर निकाल दिया। फिलहाल जितेंद्र आईसीयू में उपचाराधीन है और उसकी हालत खतरे से बाहर है।

₹30 हजार सिक्योरिटी जमा, फिर भी नहीं मिला पानी का जरिया

पीड़ित किसान के भाई नरेंद्र ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए हैं। नरेंद्र का कहना है कि उन्होंने ट्यूबवेल कनेक्शन के लिए विभाग के पास ₹30 हजार की सिक्योरिटी राशि वर्षों पहले ही जमा करवा दी थी। इसके बावजूद उन्हें नया कनेक्शन जारी नहीं किया जा रहा था, जिससे उनके खेतों में सिंचाई ठप पड़ी है और फसलें बर्बाद हो रही हैं। नरेंद्र ने आरोप लगाया कि गांव की स्थानीय गुटबाजी के चलते कुछ लोग उनके खिलाफ झूठी शिकायतें दर्ज कराते हैं और इन्हीं शिकायतों की आड़ में विभाग के अधिकारी उनकी कोई सुनवाई नहीं कर रहे थे। रोज-रोज दफ्तर की चौखट लांघने के बाद भी जब कोई हल नहीं निकला, तो जितेंद्र गहरे मानसिक तनाव में चला गया और उसने यह खौफनाक कदम उठा लिया।

बिजली विभाग के दावे: लापरवाही नहीं, गांव का आपसी विवाद है वजह

दूसरी तरफ, इन गंभीर आरोपों पर बिजली निगम के पिहोवा सब-डिवीजन के एसडीओ प्रिंस बूरा ने विभाग का पक्ष रखते हुए आरोपों को पूरी तरह नकार दिया है। एसडीओ ने बताया कि विभाग ने कभी भी किसान को कनेक्शन देने से मना नहीं किया। नियम के मुताबिक फरवरी 2026 में किसान को एस्टीमेट राशि जमा करने का नोटिस भेजा गया था। लेकिन किसान ने राशि भरने के बजाय विभाग को एक शपथ पत्र सौंप दिया, जिसमें कहा गया था कि उनके पास लगा 100 केवीए का ट्रांसफार्मर ओवरलोड है। किसान की मांग थी कि पहले वहां नया ट्रांसफार्मर लगाया जाए और फिर उन्हें कनेक्शन दिया जाए।

ठेकेदार को भगाया, पुलिस तक पहुंचा मामला

बिजली विभाग के मुताबिक, किसान की मांग पर जब ठेकेदार कंपनी ने नए ट्रांसफार्मर के लिए मौके पर पोल (खंभे) खड़े किए, तो जमीन के दूसरे मालिक ने काम रुकवा दिया और हंगामा खड़ा कर दिया। विभाग ने काम में बाधा डालने वाले शख्स के खिलाफ सदर थाना पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई थी। एसडीओ प्रिंस बूरा ने स्पष्ट किया कि यह पूरी समस्या विभाग की वजह से नहीं बल्कि गांव की आपसी रंजिश और जमीन के विवाद के कारण पैदा हुई है। बकौल एसडीओ, विभाग औपचारिकताएं पूरी होते ही कनेक्शन देने को तैयार है। बहरहाल, घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने बिजली दफ्तर और अस्पताल पहुंचकर मामले के दस्तावेजी सबूत जुटाने शुरू कर दिए हैं।

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