August 2, 2026

Narnaul Model Road: नारनौल का मॉडल रोड बना मुसीबत का घर, 3 महीने बाद भी सड़क की मरम्मत अधूरी

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Narnaul Model Road: नारनौल का मॉडल रोड बना मुसीबत का घर, 3 महीने बाद भी सड़क की मरम्मत अधूरी

नारनौल का मॉडल रोड बना मुसीबत का घर, 3 महीने बाद भी सड़क की मरम्मत अधूरी

Narnaul Model Road: नारनौल शहर की पहचान माना जाने वाला मॉडल रोड इन दिनों जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (पब्लिक हेल्थ) की सुस्ती के चलते शहरवासियों के लिए मुसीबत का सबब बना हुआ है। महिला आईटीआई से बहादुर सिंह तालाब के पास गंदे नाले तक बिछाई गई नई सीवरेज लाइन का काम भले ही पूरा हो गया हो, लेकिन खोदी गई सड़क को जस का तस छोड़ दिए जाने से इस मुख्य मार्ग पर व्यवस्था पूरी तरह पटरी से उतर चुकी है।

शहर के सबसे व्यस्त रास्तों में शुमार इस रोड पर पिछले तीन महीनों से धूल का गुबार उधड़ रहा है। सड़क के एक तरफ मिट्टी के ढेर लगाकर रास्ता बंद कर दिया गया है, जिसके कारण दोनों दिशाओं का ट्रैफिक महज एक लेन से गुजरने को मजबूर है। इसका नतीजा यह है कि सुबह से लेकर शाम तक यहां गाड़ियां रेंगती नजर आती हैं।

अस्पताल और स्टेशन का मुख्य रास्ता, जाम में फंस रहीं एम्बुलेंस

महिला आईटीआई से महाराजा अग्रसेन चौक तक का यह खंड शहर की लाइफलाइन माना जाता है। इसी मार्ग से होकर लोग नागरिक अस्पताल, टीबी अस्पताल, राजकीय कॉलेज, रेलवे स्टेशन, विभिन्न निजी स्कूलों और बहरोड़ रोड की ओर जाते हैं।

सड़क पर लगने वाले लंबे जाम की वजह से कई बार गंभीर मरीजों को ले जा रहीं एम्बुलेंस भी घंटों फंसी रहती हैं, जिससे तीमारदारों की सांसें अटकी रहती हैं। स्थानीय नागरिक धीरज शर्मा, सुनील कुमार और महेश का कहना है कि इतने महत्वपूर्ण सड़क मार्ग की मरम्मत में विभाग की लापरवाही समझ से परे है। व्यापारिक दृष्टि से भी इस रोड के दुकानदार ग्राहकों की कमी और धूल से बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं।

मई में शुरू हुआ था सीवरेज लाइन का काम, सुस्त चाल ने बढ़ाया संकट

जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के मुताबिक, बहादुर सिंह तालाब के पास पुरानी सीवरेज लाइन काफी जर्जर हो चुकी थी और आए दिन ओवरफ्लो होकर बंद हो जाती थी। इस समस्या के पक्के इलाज के लिए मई महीने में नई पाइपलाइन बिछाने का फैसला लिया गया था।

हालांकि, ठेकेदार और विभाग की ढीली कार्यशैली का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि केवल मैनहोल बनाने और पाइप डालने में ही दो महीने से ज्यादा का वक्त लग गया। अब जब लाइन बिछाने का काम पूरा हो चुका है, तब भी सड़क की सुध लेने में देरी की जा रही है।

विभाग की सफाई: मरम्मत शुरू, कुछ दिनों में मिलेगी राहत

मामले को लेकर जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के कनिष्ठ अभियंता (JE) अमित गोयल ने बताया कि सीवरेज लाइन जोड़ने का तकनीकी कार्य मुकम्मल कर लिया गया है। क्षतिग्रस्त सड़क वाले हिस्से पर मिट्टी भराव और पैचवर्क का काम शुरू करवा दिया गया है। उन्होंने दावा किया कि अगले कुछ ही दिनों में सड़क को पूरी तरह से दुरुस्त करके यातायात सुचारू कर दिया जाएगा।

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