August 2, 2026

Alumni Meet 2026: ‘डिग्री ही नहीं, जीवन के संस्कार मिले’, नीलोखेड़ी एलुमनाई मीट में भावुक हुए पुराने स्टूडेंट्स

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Alumni Meet 2026: 'डिग्री ही नहीं, जीवन के संस्कार मिले', नीलोखेड़ी एलुमनाई मीट में भावुक हुए पुराने स्टूडेंट्स

Alumni Meet 2026: 'डिग्री ही नहीं, जीवन के संस्कार मिले', नीलोखेड़ी एलुमनाई मीट में भावुक हुए पुराने स्टूडेंट्स

Alumni Meet 2026: नीलोखेड़ी (महाबीर मैहला)। वक्त के साथ चेहरे बदल जाते हैं, जिम्मेदारियां बढ़ जाती हैं, लेकिन कॉलेज के गलियारों में छूटी यादों की महक कभी कम नहीं होती। ऐसा ही कुछ नजारा शुक्रवार को श्री गुरु तेग बहादुर राजकीय महाविद्यालय, नीलोखेड़ी के प्रांगण में देखने को मिला, जहां वार्षिक एलुमनाई मीट ‘यादें-2026’ का आयोजन किया गया था। इस समारोह में देश-प्रदेश के कोने-कोने से विभिन्न बैच के पूर्व छात्र अपनी व्यस्त जिंदगी से वक्त चुराकर उस चौखट पर पहुंचे, जिसने कभी उनके सपनों को उड़ान दी थी।

कार्यक्रम का विधिवत आगाज मुख्य अतिथि और कॉलेज के प्राचार्य चमन लाल ने मां सरस्वती के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलित और पुष्पांजलि अर्पित करके किया।

पूर्व छात्र ही संस्थान के असली ब्रांड एंबेसडर: प्राचार्य चमन लाल

सरस्वती वंदना के बाद पंडाल में मौजूद अपनी पुरानी पौध का स्वागत करते हुए प्राचार्य चमन लाल खासे उत्साहित नजर आए। उन्होंने अपने संबोधन में कहा, “एक इमारत सिर्फ पत्थरों से बनती है, लेकिन उसे ‘संस्थान’ वहां से पढ़कर निकले विद्यार्थी बनाते हैं। हमारे पूर्व छात्र हमारी अमूल्य धरोहर और समाज में इस कॉलेज के ब्रांड एंबेसडर हैं। आज वे जिस भी मुकाम पर हैं, उनकी सफलता हमारे वर्तमान छात्रों के लिए एक लाइटहाउस (प्रकाश स्तंभ) का काम करती है।” उन्होंने पूर्व छात्रों से अपील की कि वे समय-समय पर आकर कॉलेज के विकास, नए बच्चों के करियर मार्गदर्शन और प्लेसमेंट सेल में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाएं।

इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए उप-प्राचार्य डॉ. सुरेन्द्र रमन ने कहा कि इस तरह के आयोजन अतीत और वर्तमान के बीच एक बेहद मजबूत और भावनात्मक सेतु का निर्माण करते हैं, जिससे नई पीढ़ी को अपने सीनियरों के अनुभवों का सीधा लाभ मिलता है।

जब कविताओं में उतरीं यादें और गुरुजनों के सम्मान में झुके सिर

इस एलुमनाई मीट का सबसे खूबसूरत और भावुक कर देने वाला हिस्सा रहा ‘स्मृति सत्र’। मंच पर आते ही पुरानी बातें, दोस्तों के साथ की गई शरारतें और प्रोफेसरों की डांट-फटकार के किस्से हवा में तैरने लगे। कई पूर्व छात्र अपने पुराने दिनों को याद कर मंच पर ही भावुक हो गए। उन्होंने माना कि इस कैंपस ने उन्हें सिर्फ डिग्री नहीं दी, बल्कि जिंदगी जीने के संस्कार भी सिखाए।

इसी बीच पूर्व छात्रा तमन्ना ने जब माइक संभाला और अपनी खूबसूरत कविता के जरिए कॉलेज की खट्टी-मीठी यादों को शब्दों में पिरोया, तो पूरा हॉल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। वहीं कॉमर्स विभाग की पूर्व छात्रा रितिका ने बेहद शालीनता से अपने प्रोफेसर्स के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए कहा कि आज वे जीवन के जिस भी मुकाम पर हैं, उसकी बुनियाद इसी कॉलेज के क्लासरूम में रखी गई थी। औपचारिक सत्र के बाद सभी पुराने छात्रों ने ग्रुप बनाकर पूरी शिद्दत के साथ कैंपस, लाइब्रेरी और साइंस लैब का दौरा किया और अपनी पुरानी सीटों पर बैठकर तस्वीरें खिंचवाईं।

वरिष्ठ स्टाफ की मौजूदगी में मनीष गर्ग ने संभाला मंच

समारोह को और अधिक मनोरंजक बनाने के लिए कॉलेज के मौजूदा छात्र-छात्राओं ने हरियाणवी, पंजाबी और बॉलीवुड गानों पर बेहतरीन सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किए। इस दौरान एलुमनाई एसोसिएशन को भविष्य में और अधिक सशक्त और सक्रिय बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण रणनीतिक सुझावों पर भी गंभीर चर्चा हुई।

इस पूरे गरिमामयी कार्यक्रम का सफल और जीवंत मंच संचालन मनीष गर्ग ने अपने खास अंदाज में किया। कार्यक्रम के अंतिम चरण में एलुमनाई प्रभारी निशा कुमारी ने दूर-दराज से आए सभी अतिथियों का दिल से आभार व्यक्त किया। समारोह का समापन सामूहिक राष्ट्रगान और एक यादगार ग्रुप फोटो के साथ हुआ, जिसमें हर चेहरे पर एक मुकम्मल मुस्कान थी। इस खास मौके पर विनोद कुमार, भरत लाठर, सरिता यादव, आभा नरवाल, हरपाल सिंह, सोनी भोरिया समेत कॉलेज का समस्त शैक्षणिक व गैर-शैक्षणिक स्टाफ मौजूद रहा।

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