गोल्डन टेंपल परिसर में बेअदबी की कोशिश की गई, सेवादारों की सतर्कता से बड़ा विवाद टला, आरोपी बोला- मरने का डर नहीं, चाहे काट दो
Jun 12, 2026 3:19 PMअमृतसर: पंजाब के अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर परिसर में बुधवार देर शाम बेअदबी की कोशिश का मामला सामने आया। घटना श्री अकाल तख्त साहिब के पीछे स्थित गुरुद्वारा शहीद बाबा गुरबख्श सिंह में हुई, जहां एक युवक ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब के पावन स्वरूप के सामने रखी तलवार उठा ली। हालांकि वहां मौजूद सेवादारों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए युवक को काबू कर लिया और किसी भी अप्रिय स्थिति को टाल दिया। घटना के बाद परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं में चिंता का माहौल बन गया। मामले की सूचना तुरंत पुलिस को दी गई और आरोपी को हिरासत में सौंप दिया गया।
जानकारी के अनुसार गुरुद्वारे में उस समय श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का अखंड पाठ चल रहा था। इसी दौरान एक युवक दर्शन करने के बाद गुरुद्वारे के भीतर पहुंचा और पावन स्वरूप के सामने रखी तलवार को उठा लिया। सेवादारों ने उसकी गतिविधि को तुरंत नोटिस किया और बिना देरी किए उसे पकड़ लिया। उनकी सतर्कता के कारण स्थिति बिगड़ने से पहले ही नियंत्रित कर ली गई।
पूछताछ में नहीं बताया कारण
घटना के बाद जब सेवादारों ने युवक से उसके इस कदम का कारण पूछा तो उसने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया। उससे यह भी पूछा गया कि क्या उसे किसी ने भेजा था, लेकिन उसने दावा किया कि वह अपनी मर्जी से वहां आया है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार युवक ने कहा कि उसे किसी से डर नहीं लगता और वह अकेले ही वहां पहुंचा था। हालांकि उसके बयानों की पुष्टि जांच एजेंसियों द्वारा की जानी बाकी है।
एसजीपीसी अध्यक्ष हरजिंदर सिंह धामी ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि आरोपी को पुलिस के कांस्टेबल कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि अभी तक उसकी पूरी पहचान पब्लिक नहीं हुई है और प्रशासन उसकी पृष्ठभूमि की जांच कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह पता लगाया जा रहा है कि आरोपी कहां का रहने वाला है, उसका उद्देश्य क्या था और क्या उसके पीछे कोई अन्य व्यक्ति या समूह शामिल था।
SGPC ने FIR और सख्त कार्रवाई की मांग की
SGPC ने प्रशासन से मामले की गहन जांच कराने और आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। समिति का कहना है कि केवल आरोपी को पकड़ना पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह भी पता लगाया जाना चाहिए कि घटना के पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं थी। धामी ने कहा कि घटना की हर पहलू से जांच होनी चाहिए और यदि कोई अन्य व्यक्ति इसमें शामिल पाया जाता है तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जानी चाहिए।
प्रारंभिक जांच में पुलिस ने परिसर के सीसीटीवी फुटेज की समीक्षा शुरू कर दी है। अब तक उपलब्ध जानकारी के अनुसार आरोपी अकेला दिखाई दिया है और उसके साथ किसी अन्य व्यक्ति की मौजूदगी सामने नहीं आई है। अमृतसर पुलिस ने SGPC को भरोसा दिलाया है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।
धार्मिक भावनाओं से जुड़ा संवेदनशील मामला
SGPC अध्यक्ष ने इस घटना को गंभीर बताते हुए कहा कि इस तरह की घटनाएं धार्मिक भावनाओं को आहत करने और माहौल खराब करने का प्रयास हो सकती हैं। उन्होंने संगत और गुरुद्वारा प्रबंधन से सतर्क रहने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों की मर्यादा बनाए रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है और ऐसे मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जानी चाहिए।