Amritsar News: अमृतसर में बड़ा नशा-हथियार तस्करी मॉड्यूल का भंडाफोड़, 1.128 किलो हेरोइन बरामद, 3 पाकिस्तान निर्मित पिस्तौल मिलीं
Jun 05, 2026 11:10 AM
अमृतसर: पंजाब के सीमावर्ती जिले अमृतसर में नशा और अवैध हथियारों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। अमृतसर देहाती पुलिस ने एक केंद्रीय एजेंसी के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए एक बड़े तस्करी मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है। खुफिया सूचना के आधार पर की गई इस कार्रवाई में 1 किलो 128 ग्राम हेरोइन और पाकिस्तान निर्मित .30 बोर के तीन पिस्तौल बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार यह नेटवर्क सीमा पार बैठे तस्करों के निर्देश पर पंजाब में नशे और हथियारों की आपूर्ति कर रहा था।
खुफिया सूचना के आधार पर हुई कार्रवाई
अमृतसर देहाती पुलिस को संदिग्ध गतिविधियों के संबंध में महत्वपूर्ण खुफिया जानकारी मिली थी। सूचना मिलने के बाद पुलिस और केंद्रीय एजेंसी ने संयुक्त रणनीति बनाकर कार्रवाई शुरू की। तलाशी अभियान के दौरान लोपोके थाना क्षेत्र से हेरोइन और हथियार बरामद किए गए। अधिकारियों का कहना है कि बरामद सामग्री की मात्रा और प्रकृति को देखते हुए यह कोई साधारण तस्करी का मामला नहीं बल्कि संगठित नेटवर्क का हिस्सा प्रतीत होता है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि तस्करी मॉड्यूल का संचालन सीमा पार बैठे तत्वों द्वारा किया जा रहा था। जांच एजेंसियों को ऐसे संकेत मिले हैं कि पंजाब में नशे और हथियारों की खेप पहुंचाने के लिए स्थानीय स्तर पर संपर्कों का उपयोग किया जा रहा था। सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय तस्करी गिरोह अक्सर ड्रोन, छिपे हुए मार्गों या अन्य अवैध तरीकों से नशीले पदार्थ और हथियार भेजने का प्रयास करते हैं। हालांकि पुलिस ने फिलहाल इस मामले में इस्तेमाल किए गए तरीके को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार बरामद 1.128 किलोग्राम हेरोइन की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करोड़ों रुपए आंकी जा रही है। पंजाब में नशे के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बीच इतनी बड़ी मात्रा में हेरोइन की बरामदगी को महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी खेपों को जब्त करने से न केवल तस्करी नेटवर्क को आर्थिक नुकसान पहुंचता है बल्कि स्थानीय स्तर पर नशीले पदार्थों की आपूर्ति भी प्रभावित होती है।
कार्रवाई के दौरान बरामद तीन .30 बोर पिस्तौल पाकिस्तान निर्मित बताए गए हैं। हथियारों की बरामदगी ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है क्योंकि ऐसे हथियारों का इस्तेमाल अक्सर आपराधिक गतिविधियों और संगठित अपराध में किया जाता है। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इन हथियारों को किन लोगों तक पहुंचाया जाना था और इनके पीछे सक्रिय नेटवर्क की संरचना क्या है। हथियारों की फोरेंसिक जांच भी कराई जा सकती है।
स्थानीय संपर्कों और सप्लायरों की तलाश
जांच एजेंसियां अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों की पहचान करने में जुटी हैं। पुलिस का मानना है कि इस तस्करी मॉड्यूल में कई स्तरों पर लोग शामिल हो सकते हैं, जिनमें सप्लायर, रिसीवर और स्थानीय सहयोगी शामिल हैं। मामले में मिले सुरागों के आधार पर आगे और गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई गई है। अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि आने वाले दिनों में जांच का दायरा और बढ़ सकता है।
पंजाब पुलिस ने दोहराया है कि राज्य को नशा मुक्त बनाने और अवैध हथियारों की तस्करी रोकने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा। सीमावर्ती जिलों में विशेष निगरानी और खुफिया तंत्र को मजबूत किया गया है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि सीमा पार से संचालित तस्करी नेटवर्कों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और कानून तोड़ने वालों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है और एजेंसियों को इस नेटवर्क से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण खुलासों की उम्मीद है।