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Ambala News: लड़की की आवाज निकाल बुजुर्गों को ठगने वाले गिरफ्तार, कानपुर से चल रहा था खेल

Jun 12, 2026 6:32 PM

अंबाला। डिजिटल इंडिया के इस दौर में साइबर अपराधी नित नए पैंतरे अपनाकर सीधे-साधे लोगों की गाढ़ी कमाई पर डाका डाल रहे हैं। इस बार इन ठगों के निशाने पर समाज के वह बुजुर्ग हैं, जो अकेलेपन का शिकार हैं। अंबाला की साइबर क्राइम पुलिस ने एक ऐसे ही हाईटेक और शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो सोशल मीडिया के जरिए बुजुर्गों को प्रेमजाल और शादी के सब्जबाग दिखाकर लाखों रुपये ऐंठ रहा था। पुलिस की गिरफ्त में आए इस गिरोह के तार छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश से जुड़े हैं।

फौजी की शिकायत पर खुली परतें; मैनेजर ही बन जाता था 'हसीना'

इस पूरे रैकेट का भंडाफोड़ तब हुआ जब अंबाला के रहने वाले एक रिटायर्ड फौजी इन ठगों के झांसे में आ गए। गिरोह ने सोशल मीडिया पर एक खूबसूरत लड़की के नाम से फर्जी प्रोफाइल बनाकर बुजुर्ग एक्स-सर्विसमैन से संपर्क साधा। बातों का सिलसिला बढ़ा तो गिरोह का मैनेजर तुकेशवर्धन खुद लड़की की आवाज में फोन पर बात करने लगा। उसकी जादुई और मीठी आवाज के जाल में फंसकर बुजुर्ग अपनी सुध-बुध खो बैठे।

गहरी दोस्ती और शादी का ढोंग रचकर इस गिरोह ने पीड़ित बुजुर्ग से अलग-अलग बहानों के जरिए धीरे-धीरे करके ₹7.50 लाख की मोटी रकम ऑनलाइन ट्रांसफर करवा ली। जब बुजुर्ग को ठगी का अहसास हुआ, तो उन्होंने बिना वक्त गंवाए अंबाला साइबर थाने में न्याय की गुहार लगाई।

कानपुर के ठिकाने पर पुलिस का छापा, बरामद हुए दर्जनों फोन

डीएसपी और साइबर थाना प्रभारी के नेतृत्व में गठित टीम ने जब तकनीकी कड़ियों और बैंक खातों को खंगाला, तो लोकेशन उत्तर प्रदेश के औद्योगिक शहर कानपुर की निकली। पुलिस ने बिना देर किए कानपुर के एक परिसर में चल रहे इस अवैध कॉल सेंटर पर रेड मार दी। अचानक हुई इस छापेमारी से आरोपियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला।

पुलिस ने मौके से मुख्य सरगना सुधीर साहू और उसके शातिर मैनेजर तुकेशवर्धन को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। इस फर्जी कॉल सेंटर से पुलिस को ठगी में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों का जखीरा मिला है, जिसमें 19 साधारण कीपैड फोन, 10 महंगे एंड्रॉयड स्मार्टफोन और एक टैबलेट शामिल है।

देशव्यापी नेटवर्क की आशंका, पूछताछ में जुट गई पुलिस

अंबाला पुलिस अब पकड़े गए दोनों आरोपियों को रिमांड पर लेकर कड़ाई से पूछताछ कर रही है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि पकड़े गए आरोपी महज मोहरे हो सकते हैं और इस रैकेट का जाल देश के अन्य राज्यों में भी फैला हो सकता है। शुरुआती तफ्तीश से अंदेशा है कि यह गिरोह अब तक देश भर के दर्जनों बुजुर्गों को अपनी इस 'आवाज की कलाकारी' से लाखों का चूना लगा चुका है।

इस कामयाबी के बाद साइबर पुलिस ने आम जनता, विशेषकर वरिष्ठ नागरिकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर किसी भी अज्ञात चेहरे या मीठी बातों पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। किसी भी अनजान व्यक्ति के खाते में पैसे ट्रांसफर करने से पहले उसकी सत्यता की जांच अवश्य कर लें, क्योंकि सावधानी ही साइबर क्राइम से बचने का एकमात्र हथियार है।

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