अंबाला में 'फर्जी' फूड सेफ्टी अधिकारी गिरफ्तार: ढाबा सील करने की धमकी देकर वसूले थे 25 हजार
Mar 27, 2026 12:54 PM
अंबाला। अंबाला के मुलाना इलाके में सरकारी महकमे का डर दिखाकर दुकानदारों को चूना लगाने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। खुद को फूड सेफ्टी विभाग का 'इंस्पेक्टर' बताकर ढाबा संचालकों पर रौब गांठने वाले दो युवकों को पुलिस ने धर दबोचा है। पकड़े गए शातिर ठगों ने कालपी रोड पर स्थित 'मून ढाबा' को निशाना बनाया था। इनकी बेखौफी का आलम यह था कि पैसे लेने के बाद जाते-जाते अपना मोबाइल नंबर भी दे गए ताकि बाकी की रकम की 'सेटिंग' की जा सके।
रात के अंधेरे में पहुंचे 'साहब', कमियां गिनाकर मांगा 50 हजार का 'हफ्ता'
ढाबा संचालक गौरव शर्मा ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में बताया कि घटना 14 मार्च की रात करीब 10 बजे की है। जब ढाबे पर ग्राहकों की चहल-पहल कम हो रही थी, तभी शुभम और गौरव नाम के दो युवक वहां पहुंचे। उन्होंने खुद को फूड सेफ्टी अधिकारी बताया और किचन में घुसकर साफ-सफाई व मसालों में कमियां निकालनी शुरू कर दीं। आरोपियों ने संचालक को बुरी तरह डराया कि उनके ढाबे का लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा और अभी ताला लटकवा दिया जाएगा। इस 'कार्रवाई' से बचने के एवज में उन्होंने 50 हजार रुपये की मांग की।
25 हजार की पहली किस्त और अगली धमकी
डरे-सहमे ढाबा संचालक ने उस वक्त अपनी मेहनत की कमाई से 25 हजार रुपये निकालकर इन फर्जी अफसरों के हाथ में थमा दिए। आरोपी इतने शातिर थे कि उन्होंने बकाया 25 हजार रुपये अगले दिन तक देने का अल्टीमेटम दिया। हालांकि, उनके जाने के बाद संचालक को उनकी कार्यशैली पर शक हुआ और उन्होंने हिम्मत जुटाकर मुलाना पुलिस को पूरी आपबीती सुनाई। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए जाल बिछाया और कुरुक्षेत्र के रहने वाले इन दोनों आरोपियों को दबोच लिया।
कुरुक्षेत्र से जुड़े तार, अन्य व्यापारियों के भी फंसे होने की आशंका
पुलिस की शुरुआती पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी शुभम और गौरव कुरुक्षेत्र जिले के निवासी हैं। पुलिस अब इस एंगल से जांच कर रही है कि क्या इन दोनों ने अंबाला और कुरुक्षेत्र के अन्य होटल व ढाबा संचालकों को भी इसी तरह अपना शिकार बनाया है। मुलाना थाना प्रभारी ने दुकानदारों से अपील की है कि किसी भी अनजान शख्स को अधिकारी मानकर पैसे न दें और सबसे पहले उनका पहचान पत्र (आईडी कार्ड) जरूर चेक करें। इस गिरफ्तारी से इलाके के व्यापारियों ने राहत की सांस ली है।