Punjab News: अमृतसर में पाकिस्तान समर्थित हथियार तस्करी मॉड्यूल बेनकाब, पुलिस ने नाबालिग सहित 5 आरोपी पकड़े
May 13, 2026 5:10 PM
अमृतसर: पंजाब के सीमावर्ती इलाके अमृतसर में कमिश्नरेट पुलिस ने पाकिस्तान समर्थित अवैध हथियार तस्करी नेटवर्क का खुलासा करते हुए बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने इस मामले में एक नाबालिग सहित 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 6 आधुनिक विदेशी पिस्तौल और 14 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। यह कार्रवाई थाना कैंट क्षेत्र में गुप्त सूचना के आधार पर की गई।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह नेटवर्क पाकिस्तान में बैठे तस्करों के इशारे पर काम कर रहा था। ड्रोन के जरिए अटारी सेक्टर में हथियारों की खेप भेजी जाती थी, जिसे पंजाब में अलग-अलग अपराधियों तक पहुंचाया जाता था। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान में जुटी है।
सोशल मीडिया के जरिए बना पाकिस्तान से संपर्क
अमृतसर पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में मुख्य आरोपी आकाशदीप सिंह उर्फ आकाश है। वह पहले NDPS एक्ट के एक मामले में जेल जा चुका है। जेल से बाहर आने के बाद उसने सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तान में बैठे तस्करों आकाश और रेहान से संपर्क बनाया। जांच में सामने आया कि इसके बाद अटारी बॉर्डर सेक्टर में ड्रोन के जरिए हथियारों की खेप गिराई जाती थी। आरोपी इन हथियारों को उठाकर पंजाब के अलग-अलग इलाकों में सप्लाई करते थे।
पहले दो आरोपी गिरफ्तार, फिर खुला पूरा नेटवर्क
पुलिस ने सबसे पहले आकाशदीप सिंह और हरमनदीप सिंह को गिरफ्तार किया। इनके कब्जे से दो पिस्तौल और छह कारतूस बरामद किए गए। पूछताछ के दौरान आकाशदीप की निशानदेही पर एक और हथियार बरामद हुआ। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज करते हुए मनीष सिंह, किशन सिंह और एक नाबालिग को भी गिरफ्तार किया। इनके पास से तीन और विदेशी हथियार और छह जिंदा कारतूस बरामद हुए।
विदेशी हथियारों की सप्लाई कर रहे थे आरोपी
बरामद हथियारों में ऑस्ट्रिया और क्रोएशिया में निर्मित ग्लॉक 9 एमएम पिस्तौल, इटली की .32 बोर पिस्तौल और अमेरिका निर्मित .30 बोर हथियार शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि ये अत्याधुनिक हथियार अपराधियों और गैंग नेटवर्क तक पहुंचाए जाने थे। सुरक्षा एजेंसियां अब इस बात की जांच कर रही हैं कि इन हथियारों का इस्तेमाल किन वारदातों में किया जाना था और इनके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं।
बेरोजगार युवाओं को नेटवर्क में जोड़ रहे थे
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी गांवों के बेरोजगार युवाओं को पैसों का लालच देकर अपने नेटवर्क में शामिल कर रहे थे। सोशल मीडिया और मैसेजिंग ऐप्स के जरिए युवाओं से संपर्क किया जाता था। अधिकारियों के मुताबिक सीमावर्ती इलाकों में ड्रोन के जरिए हथियार और नशे की तस्करी रोकने के लिए लगातार निगरानी बढ़ाई जा रही है। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों के मोबाइल फोन और सोशल मीडिया अकाउंट की भी जांच कर रही है।
सीमावर्ती इलाकों में बढ़ी सुरक्षा
इस खुलासे के बाद पंजाब पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों ने अमृतसर और अटारी बॉर्डर क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी है। ड्रोन मूवमेंट पर निगरानी बढ़ाई गई है और संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में इस नेटवर्क से जुड़े और भी खुलासे हो सकते हैं।