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किसानों की बल्ले-बल्ले: मोदी कैबिनेट ने बढ़ाई धान समेत 14 खरीफ फसलों की MSP

May 13, 2026 5:43 PM

नई दिल्ली। केंद्र की मोदी सरकार ने देश के करोड़ों किसानों को बड़ी आर्थिक राहत देते हुए खरीफ फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में जोरदार इजाफे को हरी झंडी दे दी है। बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में विपणन सत्र 2026-27 के लिए 14 प्रमुख फसलों की नई दरों को मंजूरी दी गई। सरकार का यह कदम कृषि लागत में हो रही बढ़ोतरी के बीच किसानों को उनकी उपज का वाजिब दाम दिलाने की दिशा में बड़ा फैसला माना जा रहा है।

धान की कीमतों में उछाल, अब ₹2441 में बिकेगी फसल

कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए सरकार ने बताया कि इस बार धान (सामान्य) के समर्थन मूल्य में 72 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है। इसके साथ ही अब धान की सरकारी खरीद 2,369 रुपये के बजाय 2,441 रुपये प्रति क्विंटल के भाव पर होगी। वहीं, अच्छी क्वालिटी वाले 'ए' ग्रेड धान के लिए सरकार ने 2,389 रुपये प्रति क्विंटल का भाव तय किया है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि धान की कीमतों में यह सुधार सीधे तौर पर उन राज्यों के किसानों को लाभ पहुंचाएगा जहाँ खरीफ सीजन में धान की बम्पर पैदावार होती है।

सूरजमुखी और कपास पर सबसे ज्यादा मेहरबानी

इस बार एमएसपी में सबसे बड़ी छलांग तिलहन और नकदी फसलों में देखने को मिली है। सरकार ने सूरजमुखी के बीज के दाम में रिकॉर्ड 622 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि की सिफारिश को स्वीकार कर लिया है। कपास किसानों के लिए भी अच्छी खबर है, जहाँ 557 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी की गई है। इसके अलावा नाइजर बीज पर 515 रुपये और तिल पर 500 रुपये प्रति क्विंटल का इजाफा किया गया है। लागत और मूल्य आयोग (CACP) की सिफारिशों पर आधारित ये नई दरें किसानों के मुनाफे को बढ़ाने के उद्देश्य से तय की गई हैं।

लागत से 50% अधिक रिटर्न का वादा बरकरार

कैबिनेट ब्रीफिंग के दौरान सरकार ने स्पष्ट किया कि 2019 में लागू की गई नीति के तहत इस बार भी सभी 14 फसलों की एमएसपी उत्पादन लागत से कम से कम 50 प्रतिशत अधिक रखी गई है। सरकार का दावा है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में खाद और ईंधन की बढ़ती कीमतों के बावजूद किसानों पर इसका बोझ नहीं पड़ने दिया जाएगा। यह नीतिगत फैसला न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देगा, बल्कि किसानों को नई तकनीक और बेहतर बीजों के इस्तेमाल के लिए भी प्रोत्साहित करेगा।

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