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अम्बाला ब्रेकिंग: पेंसिल के दम पर गांव की बेटी ने जीता सीएम का दिल, देखें खूबसूरत तस्वीरें।

May 10, 2026 4:48 PM

अम्बाला। अगर हौसले बुलंद हों और कुछ कर गुजरने का जज्बा हो, तो संसाधन कभी आड़े नहीं आते। अम्बाला के मुलाना हलके के एक बेहद साधारण से गांव टंगैल की रहने वाली आंचल ने इस बात को सच कर दिखाया है। आंचल आज अपनी जादुई पेंसिल के दम पर न केवल अपने इलाके बल्कि पूरे जिले में चर्चा का विषय बनी हुई हैं। उनकी सबसे बड़ी खूबी यह है कि उन्होंने स्केचिंग की यह बारीक कला किसी नामी संस्थान या बड़े गुरु से नहीं, बल्कि अपनी लगन और दिन-रात की मेहनत से खुद सीखी है।

बचपन के शौक ने दिलाया बड़ा मुकाम

आंचल को रंगों और पेंसिल से खेलने का शौक बचपन से ही था। स्कूल के दिनों से ही वह कागजों पर आकृतियां उकेरा करती थीं। उन्होंने अपने खाली समय को बर्बाद करने के बजाय अभ्यास में लगाया और धीरे-धीरे स्केच बनाने की बारीकियों को समझना शुरू किया। बिना किसी प्रोफेशनल ट्रेनिंग के आंचल ने पोर्ट्रेट बनाने में ऐसी महारथ हासिल कर ली है कि उनके बनाए स्केच एकदम सजीव नजर आते हैं। गांव की चौपाल से लेकर सोशल मीडिया तक, आंचल की कला की हर तरफ तारीफ हो रही है।

जब सीएम नायब सैनी के चेहरे पर आई मुस्कान

आंचल की इस मेहनत का सबसे खूबसूरत परिणाम तब देखने को मिला, जब उन्हें हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी से मिलने का मौका मिला। आंचल ने मुख्यमंत्री का एक बेहद आकर्षक और जीवंत स्केच तैयार किया था, जिसे उन्होंने खुद सीएम को भेंट किया। मुख्यमंत्री अपनी तस्वीर को इतना सटीक और कलात्मक रूप में देखकर चकित रह गए। उन्होंने न केवल आंचल के हुनर की सराहना की, बल्कि उनके उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए इसे ग्रामीण भारत की बढ़ती प्रतिभा का प्रतीक बताया।

ग्रामीण प्रतिभाओं के लिए बनीं प्रेरणा

मुलाना जैसे ग्रामीण क्षेत्र से निकलकर अपनी कला के जरिए मुख्यमंत्री तक पहुंच बनाना आंचल के लिए किसी सपने से कम नहीं है। उनकी इस उपलब्धि से गांव टंगैल के लोग भी फूले नहीं समा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि आंचल ने यह साबित कर दिया कि प्रतिभा केवल बड़े शहरों या अकादमियों की मोहताज नहीं होती। आज आंचल उन तमाम लड़कियों के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं, जो सीमित संसाधनों के बावजूद अपनी कला को दुनिया के सामने लाना चाहती हैं।


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